UCC पर अमित शाह के बयान से फिर गरमाई सियासत, वाराणसी में मुफ्ती और कांग्रेस ने साधा निशाना

UCC पर अमित शाह के बयान से फिर गरमाई सियासत, वाराणसी में मुफ्ती और कांग्रेस ने साधा निशाना

वाराणसी: यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। मुंबई में दिए अपने बयान में अमित शाह ने कहा था कि 2029 से पहले 21 राज्यों में एनडीए की सरकार वाले प्रदेशों में UCC लागू किया जाएगा। उनके इस बयान पर वाराणसी में शहर-ए-मुफ्ती अब्दुल बातिन नोमानी और कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने प्रतिक्रिया दी है।

शहर-ए-मुफ्ती अब्दुल बातिन नोमानी ने UCC को लेकर कहा कि मुस्लिम नेताओं ने इस मुद्दे पर पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि UCC का मुस्लिम समाज की ओर से शुरुआत से ही विरोध किया जाता रहा है। उनके मुताबिक, यदि 21 राज्यों में इसे लागू करने की बात कही जा रही है तो ताकत के दम पर कुछ भी लागू कराया जा सकता है।

‘हमारे हित में होता तो विरोध क्यों करते?’

शहर-ए-मुफ्ती ने कहा कि देश में इस तरह की चीजें पहले से चल रही हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर UCC मुस्लिम समाज के हित में होता तो इसका विरोध क्यों किया जाता? उन्होंने कहा कि इसे स्वीकार करने को लेकर मुस्लिम समुदाय अपने नेताओं के रुख और फैसले के साथ रहेगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि UCC को लेकर मुस्लिम नेतृत्व पहले ही अपनी बात सार्वजनिक कर चुका है और इसमें कोई छिपी हुई बात नहीं है।

कांग्रेस ने भी सरकार पर साधा निशाना

वहीं, कांग्रेस की ओर से वाराणसी महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने भी UCC को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने और सभी के न्याय की बात करती रही है।

राघवेंद्र चौबे ने आरोप लगाया कि UCC के मुद्दे के जरिए हिंदू और मुसलमानों को आमने-सामने लाने तथा जनता का ध्यान जरूरी मुद्दों से भटकाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को UCC लागू करने से वर्षों से किसने रोका था, लेकिन चुनाव नजदीक आते ही उसे यह मुद्दा याद आता है।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि UCC को लेकर सरकार की मंशा कुछ और है और वह अब सामने आ चुकी है। अमित शाह के बयान के बाद वाराणसी में सामने आई इन प्रतिक्रियाओं से साफ है कि UCC का मुद्दा आने वाले समय में एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में रहने वाला है।

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