नाबालिगों तक नशा पहुंचाने पर योगी सरकार सख्त
लखनऊ में वीडियो सामने आते ही आबकारी विभाग ने की कार्रवाई, सेल्समैन हटाया; दुकान पर 30 हजार रुपये जुर्माना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार युवाओं और नाबालिगों को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए सख्त कदम उठा रही है। सरकार का फोकस केवल अवैध और जहरीली शराब पर रोक लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नाबालिगों तक किसी भी तरह का नशा पहुंचने से रोकने पर भी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि कम उम्र के बच्चों को नशे की सामग्री बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
लखनऊ में नाबालिग को शराब बेचने से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद आबकारी विभाग ने तत्काल कार्रवाई की। जिला आबकारी अधिकारी ने 11 सितंबर को वीडियो की जांच कराई। जांच में सामने आया कि वीडियो विकासनगर थाना क्षेत्र के शुभौली स्थित एक कम्पोजिट शराब की दुकान का है, जहां सेल्समैन की एक व्यक्ति से कहासुनी हो रही थी। इसी दौरान सेल्समैन पर नाबालिग बच्चे को शराब बेचने का आरोप लगाया गया था।
वीडियो सामने आते ही सेल्समैन पर कार्रवाई
जांच के दौरान सेल्समैन का व्यवहार उचित नहीं पाए जाने पर उसे तत्काल प्रभाव से दुकान से हटा दिया गया। इसके अलावा संबंधित कम्पोजिट दुकान के खिलाफ नियमानुसार प्रशमन की कार्रवाई करते हुए 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
आबकारी विभाग की इस कार्रवाई से साफ है कि नाबालिगों तक शराब या अन्य नशीले पदार्थों की पहुंच रोकने के मामले में सरकार किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार करने के मूड में नहीं है।
अधिकारियों को लगातार निगरानी के निर्देश
आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह का मामला सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और सरकार की पारदर्शी नीतियों के चलते प्रदेश में अवैध एवं जहरीली शराब की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण किया गया है। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है और इस छवि को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
