तीन साल की सेजल ने 120 सेकंड में रामायण से जुड़े दर्जनों सवालों के दिए जवाब

तीन साल की सेजल ने 120 सेकंड में रामायण से जुड़े दर्जनों सवालों के दिए जवाब
सहारनपुर में श्री आशुतोष रामलीला के मंच पर तीन वर्षीय सेजल लांबा को सम्मानित करते आयोजक।

श्री आशुतोष रामलीला के मंच पर नन्हीं प्रतिभा का सम्मान, तालियों और ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंजा पंडाल

सहारनपुर। प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती, यह बात महज तीन वर्ष की नन्हीं सेजल लांबा ने साबित कर दिखाई। गुरुद्वारा रोड स्थित श्री आशुतोष रामलीला के मंच पर सेजल ने मात्र 120 सेकंड में रामायण से जुड़े दर्जनों सवालों के जवाब देकर उपस्थित श्रद्धालुओं को हैरान कर दिया। उसकी अद्भुत स्मरण शक्ति और धार्मिक प्रसंगों के ज्ञान को देखकर पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट और ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज उठा।

नन्हीं प्रतिभा ने सबको किया मंत्रमुग्ध

रामलीला के मंच पर जब तीन वर्षीय सेजल लांबा ने रामायण से जुड़े सवालों के जवाब देने शुरू किए तो वहां मौजूद लोग उसकी प्रतिभा देखकर आश्चर्यचकित रह गए। इतनी कम उम्र में रामायण के विभिन्न प्रसंगों और उनसे जुड़े प्रश्नों के उत्तर देने की उसकी क्षमता ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

सेजल के जवाबों पर पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं ने तालियां बजाकर उसका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने नन्हीं प्रतिभा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उसकी जमकर सराहना की।

सरस्वती सम्मान और अंगवस्त्र भेंट कर किया सम्मानित

सेजल की इस उपलब्धि पर श्री आशुतोष रामलीला के मंच पर उसे सरस्वती सम्मान और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। श्रद्धालुओं ने ‘जय श्रीराम’ के जयघोष के साथ उसका अभिनंदन किया।

इस अवसर पर श्री आशुतोष रामलीला के प्रधान एडवोकेट गौरव चौधरी, रवि बख्शी और संजय भसीन ने सेजल को आशीर्वाद देते हुए कहा कि बच्चों में छिपी प्रतिभा को पहचानना और उसे प्रोत्साहित करना समाज का दायित्व है। बचपन से ही ज्ञान, संस्कार और धार्मिक प्रसंगों के प्रति रुचि बच्चों को अलग पहचान दिला सकती है।

नन्हीं सेजल की इस उपलब्धि ने रामलीला के मंच पर उपस्थित लोगों को यह संदेश दिया कि यदि बच्चों की रुचि को सही दिशा और प्रोत्साहन मिले तो वे कम उम्र में भी अपनी प्रतिभा से सभी को प्रभावित कर सकते हैं।

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