विद्या देवी मंदिर स्कूल में मनाई गई डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती, शिक्षकों-छात्रों ने किया नमन
बेहट के फतेहपुर कला गांव में आयोजित कार्यक्रम में पुष्पांजलि अर्पित कर पूर्व राष्ट्रपति के जीवन और योगदान को किया याद
बेहट। तहसील क्षेत्र के गांव फतेहपुर कला स्थित विद्या देवी मंदिर स्कूल में बृहस्पतिवार को भारत रत्न और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। वक्ताओं ने डॉ. कलाम के जीवन, संघर्ष, सादगी और देश के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए विद्यार्थियों को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
सादगी और राष्ट्रप्रेम की मिसाल थे डॉ. कलाम
विद्यालय के प्रधानाचार्य राकेश भारद्वाज ने कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का व्यक्तित्व देश के युवाओं और विद्यार्थियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्हें बच्चों और छात्रों से विशेष लगाव था। उनका जीवन सादगी, संघर्ष, मेहनत और अटूट राष्ट्रप्रेम की मिसाल है।
उन्होंने कहा कि एक महान वैज्ञानिक के रूप में डॉ. कलाम ने भारत के रक्षा और मिसाइल कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके प्रयासों ने देश की वैज्ञानिक क्षमताओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। उनका जीवन यह संदेश देता है कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन और निरंतर मेहनत से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
विद्यार्थियों ने लिया प्रेरणा का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों को डॉ. कलाम के विचारों और उनके प्रेरणादायी जीवन से परिचित कराया। उन्होंने छात्रों को शिक्षा के प्रति समर्पित रहने, बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधक राजकुमार शर्मा, जितेंद्र, राजकुमार चौहान, आजाद सिंह, परी भारद्वाज, तबस्सुम, नेहा चौहान, नेहा शर्मा, अरुणा देवी, पायल, तन्नू, खुशी चौहान, समीर आलम, हिदायत, प्रिंस, अपर्णा, वंशिका, जोया, साकिबा, साहिल, दीपांशु, किंज्जन, सूर्य, आर्यन, अवनी और शिवांशु सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
