50 लाख करोड़ के पैकेज का चौथा चरण, वित्त मंत्री ने ‘मेक इन इंडिया’ पर दिया जोर

 

20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आए ​दिन बड़ी घोषणाएं कर रही हैं। वह आज भी शाम 4 बजे प्रेस कांफ्रेंस कर कुछ नए ऐलान करेंगी। यह लगातार चौथा दिन है जब वित्त मंत्री राहत पैकेज को लेकर ब्यौरा पेश करेगी…

नई दिल्ली : 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आए ​दिन बड़ी घोषणाएं कर रही हैं। उन्होंने लगातार चौथे दिन राहत पैकेज को लेकर ब्यौरा पेश करते हुए कहा कि हमें आत्मनिर्भर भारत बनाना है। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत बनाने की बात की है, हमें कड़ी प्रतिस्पर्धा के लिये खुद को तैयार करना होगा और वैश्विक मूल्य श्रृंखला की चुनौतियों का सामना करने के लिये तैयार रहना होगा। जानें राहत पैकेज के चौथा चरण में क्या हुए बड़े ऐलान:-

 

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भारत को बिजनेस फ्रेंडली देश बनाना है 

  • दुनिया भारत पर भरोसा करती है। हमें अपने उत्पाद विश्वसनीय बनाने होंगे।
  • हमने बैंकिंग सिस्टम में सुधार किए, आज भारत निवेश के लिए पहली पसंद है।
  • निवेश के लिए भारत को आकर्षक बनाना है, 8 क्षेत्रों में आज रिफॉर्म की घोषणा की जाएगी।
  • भारत को बिजनेस फ्रेंडली देश बनाने की दिशा में कोशिश होगी।

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कोयला क्षेत्र को 50 हजार करोड़

  • कोयला खनन में एकाधिकार खत्म होगा।
  • निजी क्षेत्र को कोयला खनन की इजाजत मिलेगी।
  • कोयला खनन में राजस्व साझा होगा।
  • कोयला खनन के लिए 50 ब्लॉक की निलामी होगी।

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‘मेक इन इंडिया’ पर जोर

  • रक्षा उत्पादन में FDI की सीमा 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत की गई।
  • डिफेंस उत्पान में मेक इन इंडिया पर जोर दिया जाएगा।
  • आयात न किए जाने वाले उत्पादों की लिस्ट बनेगी।
  • सेना को आधुनिक हथियारों की जरूरत है, उनका उत्पादन भारत में होगा।

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हवाई क्षेत्र में तीन बड़े कदम

  •  PPP मॉडल से होगा एयरपोर्ट का विकास
  • एयरस्पेस का होगा विस्तार, बचेंगे 1 हजार करोड़ रुपए
  • 6 एयरपोर्ट्स की नीलामी होगी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया करेगी यह काम।

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अंतरिक्ष क्षेत्र में प्राइवेट कंपनियों को मौका

  • केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली कंपनियों का निजीकरण होगा। इससे विद्युत उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
  • अंतरिक्ष के क्षेत्र में प्राइवेट कंपनियों को मौका दिया जाएगा।
  • ISRO की सुविधाओें का प्रयोग भी निजी कंपनियां कर पाएंगी
 
 

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