यूपी विधानसभा में आज पेश होगा अनुपूरक बजट, युवाओं, किसानों और मानदेय कर्मियों पर रहेगा फोकस
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश करने जा रही है। माना जा रहा है कि 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक के इस बजट में युवाओं, किसानों, महिलाओं और मानदेय कर्मियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की जा सकती हैं।
सरकार का उद्देश्य राज्य में आधारभूत ढांचे के विकास को गति देने के साथ-साथ विभिन्न वर्गों को राहत और प्रोत्साहन देना है। सूत्रों के अनुसार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं, मध्याह्न भोजन रसोइयों और ग्राम चौकीदारों के मानदेय में बढ़ोतरी का प्रावधान भी बजट में शामिल हो सकता है।
विधानसभा में दोपहर 12:20 बजे वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना अनुपूरक बजट पेश करेंगे, जबकि विधान परिषद में इसे नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य प्रस्तुत करेंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में बजट प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी।
अनुपूरक बजट में युवाओं के लिए ‘युवा समग्र विकास योजना’ की घोषणा किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा प्रदेश में सड़क और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी अतिरिक्त धनराशि आवंटित की जा सकती है। नए लिंक एक्सप्रेसवे, राज्य मार्गों के विस्तार और औद्योगिक विकास से जुड़ी योजनाओं पर सरकार विशेष ध्यान दे सकती है।
कृषि क्षेत्र को लेकर भी सरकार बड़े कदम उठा सकती है। मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना की राशि बढ़ाने के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किए जाने की संभावना है। वहीं, किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से संबंधित योजनाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मथुरा सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास हेतु धनराशि आवंटित की जा सकती है। साथ ही गंगा और अन्य एक्सप्रेसवे के आसपास हरित क्षेत्र और औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की योजनाओं को भी बजट में जगह मिल सकती है।
सरकार 9.5 लाख से अधिक मानदेय कर्मियों को राहत देने की दिशा में भी बड़ा फैसला ले सकती है। संभावित लाभार्थियों में लगभग 3.80 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं, 1.63 लाख आशा कार्यकर्ता, 3.5 लाख रसोइयां और करीब 60 हजार ग्राम चौकीदार शामिल हैं।
गौरतलब है कि योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का मूल बजट ‘सुरक्षित नारी, सक्षम युवा और खुशहाल किसान’ थीम पर पेश किया था। माना जा रहा है कि अनुपूरक बजट भी इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए विभिन्न कल्याणकारी और विकास योजनाओं को अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने का माध्यम बनेगा।
