पेपर लीक पर सख्त संदेश: बिल पास होते ही अमित शाह बोले- छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को नहीं छोड़ेंगे
नई दिल्ली। लोकसभा से एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक, 2026 पारित होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के छात्रों को बधाई देते हुए सरकार की मंशा स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा कि यह कानून युवाओं के सपनों और मेहनत की रक्षा करेगा तथा परीक्षा प्रणाली से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि यह विधेयक सार्वजनिक परीक्षाओं की निष्पक्षता और पवित्रता बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि कानून में ऐसे कठोर प्रावधान किए गए हैं, जो परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने या पेपर लीक जैसी गतिविधियों में शामिल लोगों के लिए सख्त सजा सुनिश्चित करेंगे।
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार छात्रों के भविष्य को खतरे में डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शने वाली नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों को कानून की पूरी सख्ती का सामना करना पड़ेगा और परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
ध्वनिमत से पारित हुआ विधेयक
बुधवार को लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस विधेयक पर विस्तृत चर्चा के बाद सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह महत्वपूर्ण मुद्दे पर सार्थक सुझाव देने के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में जुटा रहा।
राहुल गांधी के आरोपों से बढ़ा राजनीतिक विवाद
विधेयक पर चर्चा के दौरान पेपर लीक, छात्र आंदोलन और दिल्ली में कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को लेकर गंभीर आरोप लगाए और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कथित कार्रवाई पर जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि छात्रों पर बल प्रयोग से जुड़े आरोपों में उनकी क्या भूमिका रही।
राहुल गांधी के बयान के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। सत्तारूढ़ दल के सांसदों ने आरोपों का विरोध करते हुए राहुल गांधी से माफी की मांग की। बाद में अमित शाह से जुड़े कुछ विवादित बयान लोकसभा की कार्यवाही से हटा दिए गए।
