संजय सिंह बोले, ‘शिशु मंदिर RSS का स्कूल नहीं, वहां मुस्लिम…’
आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह का एक व्लॉग इंटरव्यू चर्चा में है. इसमें उनसे RSS के स्कूल में पढ़ाई करने समेत कई अन्य मुद्दों पर ब्लॉगर अर्श नवाज ने दिलचस्प सवाल पूछे. जब उनसे पूछा गया कि आपने जहां पढ़ाई की थी वो आरएसएस का स्कूल था. इस पर संजय सिंह ने कहा कि RSS के स्कूल में पढ़ने में क्या दिक्कत है?
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आगे कहा, ”शिशु मंदिर RSS का स्कूल नहीं है, उसमें मेरे साथ मुस्लिम बच्चे भी पढ़ते थे. आबाद अहमद मेरा क्लासफेलो था. मैं कहां से पढ़ा हूं इससे ज्यादा महत्वपूर्ण ये है कि मैं किन सवालों को लेकर उनसे लड़ रहा हूं या कौन से मुद्दे उठा रहा हूं.”
आजादी के आंदोलन में RSS ने कोई भूमिका नहीं निभाई- संजय सिंह
उन्होंने आरोप लगाते हुए ये भी कहा कि आजादी के आंदोलन में आरएसएस वालों ने कोई भूमिका नहीं निभाई बल्कि अंग्रेजों का साथ दिया. AAP नेता ने कहा, ”आरएसएस के नेताओं ने जिन्ना की मुस्लिम लीग के साथ मिलकर तीन राज्यों में सरकार बनाई थी और 52 साल तक तिरंगा झंडा नहीं फहराया था.”
‘RSS से देशभक्ति का प्रमाणपत्र किसी को नहीं चाहिए’
राज्यसभा सांसद ने आरएसएस को घेरते हुए कहा, ”28 दिसंबर 1949 को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के विरोध में आरएसएस ने लेख लिखा. ये कहा कि ये राष्ट्रगान सरकारी अधिकारियों की पार्टी में गाया जाने वाला ‘आइटम ऑफ इंटरटेनमेंट’ है. जो लोग राष्ट्रगान को नहीं मानते हैं, जो तिरंगे को नहीं मानते हैं, जिनलोगों ने अंग्रेजों का साथ दिया तो उस आरएसएस से देशभक्ति का प्रमाणपत्र किसी को नहीं चाहिए. वो तो देशभक्ति का काम करते भी नहीं हैं, वो तो नफरत फैलाने का काम करते हैं.”
Gen-Z को सावधान रहना चाहिए- संजय सिंह
Gen-Z को लुभाने के सवाल पर उन्होंने कहा, ”अगर सिर्फ लुभाने के लिए कुछ कर रहे हैं और काम कुछ नहीं कर रहे हैं तो ऐसे नेताओं से जेन जी को सावधान रहना चाहिए. हेलो फ्रेंड्स वाले मोदी जी से Gen-Z को सावधान रहना चाहिए क्योंकि वो जेन जी के लिए कुछ कर नहीं रहे हैं. न रोजगार दे रहे हैं, न पेपर लीक को रोक रहे हैं, उनके ऊपर डंडे बरसा रहे हैं. मारने के बाद कह रहे हैं कि माफ कर दिया. वो जेन जी को मार भी रहे हैं और कह रहे हैं कि तुम्हें माफ कर दिया. अब तो जेन अल्फा भी निकल गए हैं.”
