यूपी-दिल्ली में बारिश से राहत, मध्य प्रदेश में हीटवेव का अलर्ट, IMD ने बताया कब लौटेगी गर्मी

यूपी-दिल्ली में बारिश से राहत, मध्य प्रदेश में हीटवेव का अलर्ट, IMD ने बताया कब लौटेगी गर्मी

मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार भारत के पूर्वी और पश्चिमी तटों में आने वाले सात दिनों तक उमस भरा मौसम रह सकता है। इसके अलावा हीटवेव का असर मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ में आने वाले तीन दिनों में देखने को मिल सकता है। उड़ीसा में 20 और झारखंड में 19 से 21 अप्रैल के दौरान हीटवेव देखने को मिल सकती हैं। महाराष्ट्र और तेलंगाना में भी हीटवेव की स्थितियां 17 और 18 तारीख को देखने को मिल सकती हैं। वहीं भारी वर्षा की बात करें तेज हवाओं के झोंके के साथ अरुणाचल प्रदेश में 18 से 21 तारीख के दौरान, असम और मेघालय में 19 और 20 तारीख को और पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18 और 19 तारीख को भारी वर्षा भी देखने को मिल सकती है।

पिछले 24 घंटे में तेज हवाओं के साथ हल्के स्तर की बरसात असम, मेघालय, जम्मू कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, उड़ीसा, मणिपुर, त्रिपुरा और तमिलनाडु में देखने को मिली। वहीं तेज हवाओं के झोंक के साथ हल्के स्तर की वर्षा। पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, विदर्भ, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, गुजरात और सौराष्ट्र में देखने को मिली है।

यूपी का बांदा सबसे गर्म

पिछले 24 घंटे में 40 से लेकर के 44° सेल्सियस तक का तापमान मध्य भारत, विदर्भ और उसके आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। वहीं बाकी के क्षेत्रों की बात करें तो वहां पर भी 36 से लेकर के 40° सेल्सियस के टेंपरेचर देखने को मिल रहे हैं। सिवाय पहाड़ों पर जहां पर टेंपरेचर अभी 36 डिग्री से कम है। वहीं अगर पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान की बात करें तो बुंदेलखंड, उत्तर प्रदेश, बांदा में 44.4 डिग्री सेल्सियस टेंपरेचर दर्ज किया गया।

पाकिस्तान के ऊपर बन रहा पश्चिमी विक्षोभ

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के आसपास के क्षेत्रों में एक पश्चिमी विक्षोभ है और एक ट्रंप लाइन भी है, जो उत्तरी पश्चिमी राजस्थान से लेकर के दक्षिणी पश्चिमी मध्य प्रदेश तक चल रही है। इसके अलावा एक ट्रंप लाइन उत्तरी बिहार से लेकर के दक्षिणी छत्तीसगढ़ तक और एक सर्कुलेशन है, जो उत्तरी तटीय उड़ीसा और उसके आसपास देखने को मिल रहा है। वही एक सर्कुल सर्कुलेशन दक्षिणी पूर्वी पाकिस्तान से सटा हुआ दक्षिणी पश्चिमी राजस्थान में देखने को मिल रहा है।

फिर बढ़ेगा पारा 

पश्चिम विक्षोभ के कारण उत्तर पश्चिम भारत में तापमान लगभग दो डिग्री सेल्सियस गिर सकता है। इसके बाद 19 से लेकर के 21 दौरान अप्रैल के दौरान टेंपरेचर दोबारा से दो से 3 डिग्री सेल्सियस बढ़ने की संभावना है। वहीं मध्य भारत में भी टेंपरेचर जो है 17 से लेकर के 19 अप्रैल तक यथावत रह सकता है। इसके बाद ठंड की वजह से दो से 3 डिग्री सेल्सियस टेंपरेचर गिरने की संभावना है।

पूर्वी भारत में टेंपरेचर धीरे-धीरे 17 से लेकर के 21 अप्रैल के दौरान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता हैं और उसके बाद उसमें कोई खास बदलाव की संभावना नहीं है। वहीं अगर महाराष्ट्र की बात करें तो आज और कल में टेंपरेचर वहां पर में कोई खास बदलाव नहीं है। परंतु उसके बाद ठंड की वजह से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस 19 से लेकर के 21 अप्रैल के दौरान टेंपरेचर में गिरावट संभावित है। अगर हम बाकी क्षेत्रों की बात करें तो कोई खास बदलाव की संभावना नहीं है।

कर्नाटक और कश्मीर में बारिश का अलर्ट

उत्तर पश्चिम भारत में मुख्य रूप से जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश में हल्की बारिश और ओलावृष्टि अगले 24 घंटे में हो सकती है। उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान में हल्के स्तर की वर्षा तेज हवाओं के झोंकों के साथ रह सकती है। पूर्वोत्तर राज्य अगले 24 घंटे में देश में सबसे ठंडे रह सकते हैं। कर्नाटक और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी ठंड के साथ हल्की वर्षा संभावित है। उमस भरा मौसम पूर्वी तट और पश्चिमी तटों में हो सकता है।

मध्य प्रदेश में हीटवेव का अलर्ट

हीट वेव की स्थितियां मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र, तेलंगाना खासतौर से उत्तरी तेलंगाना में संभावित हैं। उड़ीसा में भी खासतौर से इंटीरियर उड़ीसा में हीट वेव जैसी स्थितियां देखने को मिल सकती हैं। अगर 18 तारीख को हीट वेव स्थितियां मध्य भारत में बनी रहेंगी। उमस भरा मौसम पश्चिमी तट और पूर्वी तटों में रह सकता है। उत्तर पश्चिम भारत में मुख्य रूप से पहाड़ों पर ठंड के साथ गतिविधियां कल भी जारी रह सकती है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर में ठंड कल देखने को मिल सकती है। अरुणाचल प्रदेश के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी वर्षा संभावित है। ठंड की गतिविधियां पूर्वी भारत और पूर्वोत्त राज्यों में जारी रह सकती हैं।


Leave a Reply