‘तूफान आने वाला है…’, पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों के बाद राहुल गांधी की वॉर्निंग, PM मोदी के नॉर्वे दौरे पर किया कमेंट

‘तूफान आने वाला है…’, पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों के बाद राहुल गांधी की वॉर्निंग, PM मोदी के नॉर्वे दौरे पर किया कमेंट

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर बड़ा हमला बोलते हुए दावा किया है कि देश जल्द ही एक बड़े ‘आर्थिक तूफान’ का सामना करने वाला है. रायबरेली दौरे के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बनाई गई आर्थिक व्यवस्था कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों के फायदे के लिए तैयार की गई है, जिसका सबसे ज्यादा असर आम जनता पर पड़ेगा.

‘आम जनता भुगतेगी सबसे बड़ा नुकसान’

राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा आर्थिक ढांचा ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि यह व्यवस्था उद्योगपति गौतम अडानी और मुकेश अंबानी को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई है. उन्होंने कहा, ‘जो आर्थिक झटका आने वाला है, उसका असर अडानी, अंबानी और मोदी जी पर नहीं पड़ेगा. इसका सबसे बड़ा असर यूपी के युवाओं, किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों पर होगा.’

मोदी सरकार पर विदेश दौरों को लेकर निशाना

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार लोगों से विदेश यात्रा कम करने की बात कर रही है, जबकि पीएम खुद लगातार विदेश दौरों पर रहते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार देश की आंतरिक आर्थिक समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय जनता को सलाह देने में लगी हुई है.

खरगे ने भी ईंधन कीमतों को लेकर सरकार को घेरा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने इसे ‘मोदी सरकार द्वारा पैदा किया गया आर्थिक संकट’ बताया. खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नीतिगत विफलताओं का बोझ आम लोगों पर डाल रही है, जबकि बड़े कॉरपोरेट घरानों को राहत दी जा रही है.

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी

मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई. दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये से बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गया, जबकि डीजल 90.67 रुपये से बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया.

तेल संकट से बढ़ सकती है आर्थिक परेशानी

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और आयात पर निर्भरता के कारण भारत का तेल व्यापार घाटा आने वाले समय में और बढ़ सकता है.

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