राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ीं! 8 साल पुराने मानहानि मामले में आज सुल्तानपुर कोर्ट सुनाएगी फैसला, खुद होंगे पेश
सुल्तानपुर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ आठ साल पुराने मानहानि मामले में सोमवार (26 अक्टूबर 2026) को अहम फैसला आने वाला है। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की स्पेशल MP-MLA कोर्ट इस मामले में अपना फैसला सुनाएगी। यह मुकदमा वर्ष 2018 में केंद्रीय गृह मंत्री और तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को लेकर राहुल गांधी की ओर से की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है। फैसले के दौरान राहुल गांधी के व्यक्तिगत रूप से अदालत में मौजूद रहने की संभावना है।
सुबह 11 बजे कोर्ट पहुंच सकते हैं राहुल गांधी
शिकायतकर्ता के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय के मुताबिक, स्पेशल MP-MLA कोर्ट के न्यायाधीश शुभम वर्मा ने 13 अक्टूबर को मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाने के लिए 26 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की थी। इस दौरान राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना है।
जानकारी के अनुसार, कांग्रेस सांसद सुबह करीब 11 बजे सुल्तानपुर कोर्ट पहुंच सकते हैं। उनके संभावित आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क है। कोर्ट परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
क्या है राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा है। आठ मई 2018 को बेंगलुरु में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने सोहराबुद्दीन शेख मामले का जिक्र करते हुए तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर टिप्पणी की थी।
राहुल गांधी के इसी बयान को आपत्तिजनक बताते हुए भाजपा नेता एवं जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय मिश्रा ने चार अगस्त 2018 को सुल्तानपुर की अदालत में मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी।
गौरतलब है कि सोहराबुद्दीन शेख मामले में अमित शाह को वर्ष 2014 में अदालत ने आरोपमुक्त कर दिया था। इसके बाद वर्ष 2016 में सर्वोच्च न्यायालय ने भी मामले में दोबारा जांच कराने की मांग खारिज कर दी थी।
राहुल गांधी को पहले मिल चुकी है जमानत
मानहानि की शिकायत पर सुनवाई करते हुए अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को मुकदमे का सामना करने के लिए तलब किया था। इसके बाद राहुल गांधी अदालत में पेश हुए, जहां उन्हें जमानत मिल गई थी।
इस मामले में शिकायतकर्ता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी की आवाज के नमूने का मिलान कराने के लिए भी अदालत में आवेदन दिया था। हालांकि, निचली अदालत ने इस अर्जी को खारिज कर दिया। इसके खिलाफ दाखिल पुनरीक्षण याचिका को सेशन कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। बाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी दोनों अदालतों के आदेशों को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी।
अब राहुल गांधी 26 अक्टूबर को चौथी बार व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश हो सकते हैं। करीब आठ साल पुराने इस मामले में आने वाले फैसले पर कांग्रेस और भाजपा दोनों की नजरें टिकी हुई हैं।
खरगे के बयान को लेकर भी सियासी घमासान
दूसरी ओर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से रविवार को बिहार की राजधानी पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणी पर भी राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। भाजपा ने खरगे के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे गुंडों वाली भाषा करार दिया है।
ऐसे में एक तरफ राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले में अदालत के फैसले का इंतजार है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है।
