ओवैसी का अखिलेश पर हमला, बोले- मुस्लिमों से वोट लेते हैं, मुश्किल में साथ क्यों नहीं?
उत्तर प्रदेश के शामली जिले की कैराना विधानसभा में पहुंचे एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र की मोदी सरकार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा. ओवैसी ने अंतरराष्ट्रीय हालात, चीन सीमा, बेरोजगारी, महंगाई, मुजफ्फरनगर दंगों और मुस्लिम राजनीतिक नेतृत्व के मुद्दे उठाए.
उन्होंने कहा कि यूपी के मुसलमानों को अपनी स्वतंत्र राजनीतिक लीडरशिप खड़ी करनी होगी. अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि वह मुसलमानों से वोट तो लेते हैं, लेकिन मुश्किल समय में उनके साथ खड़े होने का सवाल भी पूछा जाना चाहिए.
मक्का और जेद्दा में फंसे यात्रियों का मुद्दा उठाया
कैराना में अपने संबोधन के दौरान ओवैसी ने सबसे पहले विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि मक्का और जेद्दा में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए केंद्र सरकार को तत्काल कदम उठाने चाहिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से दोस्ती निभाने के बजाय भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए.
ओवैसी ने आशंका जताई कि क्षेत्र में युद्ध बढ़ने से भारत में पेट्रोल और गैस की कीमतों पर असर पड़ सकता है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी युद्ध के बजाय शांति की दिशा में पहल करने की अपील की.
चीन से सीमा विवाद पर सरकार से मांगा जवाब
ओवैसी ने चीन के साथ सीमा विवाद का मुद्दा उठाते हुए अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों की मौजूदगी को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को सीमा की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए ओवैसी ने कहा कि बुलडोजर की कार्रवाई गरीबों और मस्जिदों तक सीमित क्यों दिखाई देती है. उन्होंने कटाक्ष किया कि अगर बुलडोजर चलाने की इतनी ही ताकत है तो उसे अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर भेजकर दिखाया जाए.ये सभी आरोप और टिप्पणियां ओवैसी ने अपने राजनीतिक भाषण के दौरान कीं.
महंगाई-बेरोजगारी को लेकर मोदी सरकार पर सवाल
अपने भाषण में ओवैसी ने बेरोजगारी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े आर्थिक लक्ष्य घोषित करने से जनता की समस्याएं हल नहीं होंगी. युवाओं को रोजगार, महिलाओं को आर्थिक सहायता और किसानों को गन्ने का बकाया भुगतान चाहिए. उन्होंने महिलाओं के खातों में पैसे भेजने के वादों और प्रदेश में विकास कार्यों के खर्च पर सवाल उठाए. ओवैसी ने कहा कि बुलडोजर की कार्रवाई से नौकरियां नहीं मिलेंगी. उन्होंने किसानों के गन्ने का मूल्य बढ़ाने की मांग भी उठाई.
मुजफरनगर दंगों के लिए अखिलेश यादव को घेरा
ओवैसी के निशाने पर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव भी रहे. मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए उन्होंने तत्कालीन सपा सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए. ओवैसी ने कहा कि उस समय प्रदेश में अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे और विधानसभा में मुस्लिम विधायक भी मौजूद थे, इसके बावजूद दंगा प्रभावित परिवारों को राहत और सुरक्षा देने के सवाल उठे. उन्होंने आरोप लगाया कि संकट के समय पीड़ितों की पर्याप्त मदद नहीं की गई. ओवैसी ने दंगा प्रभावित राहत शिविरों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की परेशानियों को उन्होंने करीब से देखा था. उन्होंने अखिलेश यादव से पूछा कि उस समय पीड़ित परिवारों के लिए क्या कदम उठाए गए थे.
ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि मुस्लिम समाज को राजनीतिक रूप से मजबूत करना है. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी लंबे समय से चुनाव लड़ती आ रही हैं, इसलिए एआईएमआईएम के चुनाव लड़ने पर ही सवाल क्यों उठाए जाते हैं. उन्होंने बिहार में अपनी पार्टी के चुनावी अनुभव का भी जिक्र किया और कहा कि उनकी पार्टी को गठबंधन में उचित हिस्सेदारी नहीं मिली. ओवैसी ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपनी राजनीतिक पहचान और नेतृत्व को मजबूत करें.
कैराना की स्थानीय समस्याओं को उठाते हुए ओवैसी ने शिक्षा, कॉलेजों की कमी, रोजगार, बिजली और विकास कार्यों पर सवाल खड़े किए. उन्होंने क्षेत्र की साक्षरता दर का जिक्र करते हुए पूछा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी किसकी है. उन्होंने स्ट्रीट लाइट, जल जीवन मिशन और स्थानीय विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी सवाल उठाए. ओवैसी ने कहा कि चुनाव के समय नेताओं को जनता के बीच आकर अपने काम का हिसाब देना चाहिए.
अपने भाषण के अंतिम हिस्से में ओवैसी ने समर्थकों से अपील की कि वे डरने के बजाय लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी बढ़ाएं. उन्होंने कहा कि जनता को अपने मुद्दों पर सवाल पूछने और अपने प्रतिनिधियों से जवाब मांगने का अधिकार है. ओवैसी ने दोहराया कि उत्तर प्रदेश के मुसलमानों को अपनी स्वतंत्र राजनीतिक लीडरशिप विकसित करनी चाहिए. कैराना की सभा में उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार के साथ-साथ समाजवादी पार्टी को भी घेरा और कहा कि जनता को चुनाव में अपने अनुभव और स्थानीय समस्याओं के आधार पर फैसला करना चाहिए.
