Elon Musk के समर्थन में प्रियंका चतुर्वेदी का बयान, ‘इस देरी का असर…’

Elon Musk के समर्थन में प्रियंका चतुर्वेदी का बयान, ‘इस देरी का असर…’

अमेरिका के सबसे बड़े बिजनेसमैन और दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को सैटेलाइट इंटरनेट प्रोवाइडर के तौर पर भारत में मंजूरी नहीं मिली है. कई साल से इसके लिए कोशिश कर रहे एलन मस्क ने हाल ही में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए नाराजगी जताई और दावा किया कि कई साल से भारत के सभी नियमों का पालन करने के बावजूद उन्हें यहां काम करने का लाइसेंस नहीं मिल रहा है. इसको लेकर अब शिवसेना यूबीटी की पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रतिक्रिया देते हुए एलन मस्क का समर्थन किया.

प्रियंका चतुर्वेदी ने कुछ डेटा निकालकर अपने एक्स अकाउंट पर जानकारी देते हुए लिखा, “भारतीय सरकार अभी सभी सैटेलाइट इंटरनेट प्रोवाइडर्स को फाइनल मंजूरी देने में देरी कर रही है, क्योंकि सिक्योरिटी असेसमेंट और फाइनल स्पेक्ट्रम एलोकेशन फ्रेमवर्क पर अभी काम चल रहा है. GMPCS लाइसेंस और IN-SPACe ऑथराइजेशन जैसी शुरुआती मंजूरी मिलने के बावजूद, किसी भी कमर्शियल सर्विस को शुरू करने की मंजूरी नहीं मिली है.”

‘हेलो ओलिगार्क, तुम कहां हो?’- प्रियंका चतुर्वेदी

शिवसेना यूबीटी नेता ने कहा, “इस देरी का असर उन तीन कंपनियों पर पड़ रहा है जिनके पास भारत में काम करने के लिए शुरुआती ऑथराइजेशन हैंः स्टारलिंक (SpaceX), जियो सैटेलाइट कम्युनिकेशन्स (रिलायंस इंडस्ट्रीज) और यूटेलसैट वनवेब (भारती एयरटेल समर्थित).” इसी के साथ प्रियंका चतुर्वेदी ने सवाल किया, “हेलो ओलिगार्क, तुम कहां हो?”

कौन होते हैं ओलिगार्क

प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने पोस्ट में ओलिगार्की का जिक्र किया है. ओलिगार्क उन बेहद अमीर, रईस और प्रभावशाली कारोबारियों या उद्योगपतियों को कहा जाता है, जो अपनी अपार संपत्ति और राजनीतिक पहुंच का इस्तेमाल करके देश की सत्ता, नीतियों और अर्थव्यवस्था पर बहुत मजबूत नियंत्रण रखते हैं. हिंदी में इन्हें ‘कुलीनतंत्र’ या ‘अल्पतंत्र’ से जुड़ा वर्ग कहा जाता है.

एलन मस्क ने पोस्ट में क्या लिखा था? 

दरअसल, एलन मस्क ने कुछ कम्युनिकेशन कंपनियों पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत में अपनी एकाधिकार वाली स्थिति बनाए रखने के लिए कुछ ‘प्रभावशाली समूह’ उनकी कंपनी की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस को शुरू होने से रोक रहे हैं. मस्क ने 11,000 से अधिक गांवों में मोबाइल कवरेज उपलब्ध नहीं होने संबंधी एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था “दुर्भाग्य से, कुछ प्रभावशाली समूह भारतीय लोगों पर अपनी एकाधिकार वाली पकड़ बनाए रखने के लिए हमें रोक रहे हैं. आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वे कौन हैं… यह भारत के लोगों के खिलाफ अपराध है.” मस्क के इस बयान के बाद से भारत में सियासी तकरार तेज हो गई है.

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