विभिन्न मांगों को लेकर आशाओं ने सीएमओ कार्यालय पर दिया धरना
30 हजार रुपये मानदेय, राज्य कर्मचारी का दर्जा और शोषण रोकने की मांग; तीन दिन आंदोलन जारी रखने का ऐलान
सहारनपुर। निर्धारित मानदेय समेत विभिन्न मांगों को लेकर आशा कार्यकत्रियों ने गुरुवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। आशा कार्यकत्रियों ने मांगों के समर्थन में अगले तीन दिनों तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।
आशा कार्यकत्री संगठन के संयोजक संजय वालिया के नेतृत्व में आयोजित धरने में बड़ी संख्या में आशा कार्यकत्रियां शामिल हुईं। इस दौरान संजय वालिया ने कहा कि आशा कार्यकत्रियां गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। गर्भवती महिलाओं की देखभाल से लेकर विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन तक वे जिम्मेदारी निभाती हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उनके काम के अनुरूप उचित मानदेय नहीं मिल रहा है।
उन्होंने सरकार से आशा कार्यकत्रियों को 30 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित मानदेय देने, राज्य कर्मचारी का दर्जा प्रदान करने और प्रत्येक सीएचसी पर तैनात चिकित्सा अधिकारियों के स्थानांतरण की मांग की। साथ ही जिला स्तर पर आशा कार्यकत्रियों के कथित शोषण पर रोक लगाने की भी मांग उठाई।
जिलाध्यक्ष कमलेश सैनी ने कहा कि आशा कार्यकत्रियों के हितों के लिए संगठन हर स्तर पर संघर्ष करेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर आशाओं का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई।
धरने में लता, लालतेश, मिथिलेश, नेहा, भावना, पूनम देवपुरा, सुदेश सांगाठेड़ा, ममता भनैड़ा, पिंकी मोहरा, सुनीता, बोबी, प्रवीन, रविता, कविता, सीमा, ओमलता, मोनिका, मिथलेश फूलर, राजकी देवी, प्रीति शर्मा, रीना, काजल, मौसम देवी, पूनम, हमरेश, उर्मिला, गीता, रचना धारहेड़ा, मीनाक्षी महेश्वरी, दीपमाला, सुषमा, बबली, सोनिया, बेबी, कमलेश, अमरेश, करमलेश, एकलेश, पल्लू, पूजा, प्रवेश, शीतल, दीपा और सुरजला समेत बड़ी संख्या में आशा कार्यकत्रियां मौजूद रहीं।
