SIR विवाद पर विपक्ष का प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी, राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात की तैयारी में INDIA गठबंधन
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे समेत पांच मांगों पर अड़ा विपक्ष, संसद के सेंट्रल हॉल में बैठक के बाद तय होगी आगे की रणनीति
नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन का विरोध-प्रदर्शन शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहने की तैयारी है। विपक्षी सांसदों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने की रणनीति बनाई है। इसी क्रम में गठबंधन के नेता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने की कोशिश करेंगे। हालांकि, खबर लिखे जाने तक राष्ट्रपति भवन की ओर से मुलाकात का समय निर्धारित नहीं किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए INDIA गठबंधन के 10 नेताओं का प्रतिनिधिमंडल जा सकता है। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दिल्ली पहुंच चुकी हैं। वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव से फोन पर बात कर उन्हें दिल्ली आने के लिए कहा है।
दोपहर तीन बजे संसद के सेंट्रल हॉल में बैठक
राष्ट्रपति से मुलाकात की कोशिश से पहले INDIA गठबंधन के सांसद शुक्रवार दोपहर तीन बजे संसद के सेंट्रल हॉल में बैठक करेंगे। इसमें आगे के विरोध-प्रदर्शन और आंदोलन की रणनीति पर चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार, गठबंधन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए समय मांगा है। यदि समय नहीं मिलता है, तो विपक्ष आगे की कार्रवाई के लिए दूसरे विकल्पों पर भी विचार कर सकता है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, विरोध-प्रदर्शन के संभावित स्थलों में सेवा तीर्थ, राष्ट्रपति भवन, उपराष्ट्रपति आवास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास शामिल बताए गए हैं। हालांकि, इन स्थानों पर प्रदर्शन को लेकर अंतिम निर्णय गठबंधन की बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।
चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों की रिपोर्ट के बाद तेज हुआ विवाद
विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन में तेजी द इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की एक रिपोर्ट के बाद आई। रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आधिकारिक तौर पर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। ये आपत्तियां मुख्य रूप से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े फैसलों और आदेशों को लेकर थीं।
विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनाव प्रक्रिया की जवाबदेही को लेकर सवाल उठा रहा है। वहीं, सत्तारूढ़ भाजपा विपक्ष के आंदोलन और उसकी मांगों पर लगातार पलटवार कर रही है।
आठ दिनों से जारी है विरोध-प्रदर्शन
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के मुद्दे पर विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला अक्टूबर की शुरुआत से जारी है।
- 2 अक्टूबर: दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने प्रदर्शन किया, जबकि मुंबई में CJP ने विरोध दर्ज कराया।
- 3 अक्टूबर: जंतर-मंतर पर विपक्षी दलों ने प्रदर्शन किया।
- 4 अक्टूबर: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई गई।
- 5 अक्टूबर: मुंबई में ठाकरे भाइयों के नेतृत्व में मोर्चा निकाला गया।
- 6 अक्टूबर: INDIA गठबंधन के सांसदों ने संसद भवन से चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च किया और आकाशवाणी भवन के पास धरना दिया।
- 7 अक्टूबर: कांग्रेस की ओर से विपक्षी नेताओं के लिए लंच आयोजित किया गया। इसके बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुआ।
- 8 अक्टूबर: दिल्ली में राजघाट पर प्रदर्शन किया गया। पटना, लखनऊ समेत कई शहरों में भी विरोध-प्रदर्शन की खबरें सामने आईं।
- 9 अक्टूबर: विपक्षी नेताओं की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की कोशिश और सांसदों की बैठक प्रस्तावित है।
विपक्ष की पांच प्रमुख मांगें
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।
- मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
- SIR से पहले की मतदाता सूची का इस्तेमाल किया जाए।
- ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं।
- चुनाव आयोग की जवाबदेही तय की जाए।
भाजपा ने राहुल गांधी और विपक्ष पर साधा निशाना
विपक्ष के आंदोलन पर भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन मामले का फैसला सड़क पर नहीं हो सकता। उन्होंने राहुल गांधी के रुख को अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि जब अदालत अगली सुनवाई की तारीख दे चुकी है, तो इस तरह के प्रदर्शन का क्या औचित्य है।
भंडारी ने कहा कि देश में किसी परिवार का शासन नहीं, बल्कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान के अनुसार शासन चलता है।
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर जारी इस राजनीतिक टकराव के बीच अब राष्ट्रपति से मुलाकात की कोशिश और INDIA गठबंधन की आगामी रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हैं।
