‘भारत ही फैसला करेगा’, ईरान-अमेरिका के बीच जंग रुकवाने में इंडिया के रोल पर सर्गियो गोर का बड़ा बयान
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को रोकने के लिए दूसरे दौर की बातचीत की अटकलें लगाई जा रही हैं. पाकिस्तान और मिस्र के प्रयासों से पहली बैठक इस्लामाबाद में हुई थी, जोकि बेनतीजा रही. इस बीच भारत में अमेरिका के राजदूत और ट्रंप के करीबी सर्जियो गोर ने जंग रुकवाने में भारत की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि मिडिल ईस्ट में शांति के लिए अमेरिका भारत की भागीदारी का स्वागत करेगा.
सर्जियो गोर ने एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘अमेरिका भारत की भागीदारी का स्वागत करेगा जैसा कि उसने कई अन्य देशों का किया है. ईमानदारी से कहूं तो यह भारत के लिए एक सवाल है. मुझे लगता है कि पूरी दुनिया शांति प्रक्रिया में भूमिका निभा सकती है और इसमें भारत भी शामिल है.’ हालांकि उन्होंने आगे कहा कि भारत को यह तय करना होगा कि वह क्या करना चाहता है.
ट्रंप नहीं करते हैं किसी से भेदभाव: गोर
अमेरिकी राजदूत ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बात को लेकर भेदभाव नहीं कर रहे थे कि कौन इस संघर्ष को समाप्त करने में मदद कर सकता है. उन्होंने कहा,’राष्ट्रपति उन सभी का स्वागत करते हैं जो इसमें शामिल होना चाहते हैं. राष्ट्रपति हर उस व्यक्ति का स्वागत करते हैं जो इसका हिस्सा बनना चाहता है.’
ट्रंप के करीबी ने वाशिंगटन से लौटने के बाद ये बात कही है. गोर ने कहा, ‘हमारे पास कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं.’ सर्जियो गोर की बातों से ऐसे संकेत मिल रहे थे कि ट्रेड और द्विपक्षीय मुद्दों पर दोनों देशों के बीच घोषणाएं कुछ ही दिनों में हो सकती हैं, लेकिन उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि इनमें किन विषयों को शामिल किया जाएगा.उन्होंने कहा, ‘आपको अगले कुछ दिनों में कुछ खबरें देखने को मिल सकती हैं, लेकिन आज रात मैं आपको इसके बारे में नहीं बता सकता.’
पीएम मोदी-ट्रंप की बातचीत पर क्या बोले सर्जियो गोर?
पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच करीब 40 मिनट तक चली बातचीत के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि ट्रंप की यात्रा से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अगले महीने भारत की यात्रा करेंगे.
ईरान को लेकर अमेरिकी राजदूत ने कहा, ‘तेल और गैस की कीमतों में वृद्धि का केवल एक ही कारण है और वह यह है कि कोई (ईरान) इस क्षेत्र को बंधक बनाए हुए है. उन्होंने कहा, ‘तो जाहिर है कि अमेरिका इस जलमार्ग को खोलना चाहता है और इसलिए मुझे लगता है कि इससे भारत सहित पूरी दुनिया को फायदा होगा.’
