‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर सलमान खुर्शीद बोले- ‘आज का संविधान इसकी इजाजत नहीं देता’

‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर सलमान खुर्शीद बोले- ‘आज का संविधान इसकी इजाजत नहीं देता’

नई दिल्ली: ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लेकर देश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। केंद्र सरकार एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने इस प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा संवैधानिक व्यवस्था ‘एक देश, एक चुनाव’ की अनुमति नहीं देती।

‘एक देश हो, हम सब इसके लिए तैयार हैं’

सलमान खुर्शीद ने कहा कि देश की एकता को लेकर किसी को कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा, “एक देश हो, हम सब इसके लिए तैयार हैं। लेकिन चुनाव एक साथ हों, यह तकनीकी के साथ-साथ संवैधानिक विषय भी है।”

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा चल रही है और अलग-अलग लोग अपनी राय रख रहे हैं। खुर्शीद के मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में एक साथ चुनाव कराने का फैसला संवैधानिक प्रावधानों के खिलाफ जा सकता है।

‘संविधान के बुनियादी ढांचे का उल्लंघन होगा’

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि अगर मौजूदा स्थिति में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की कोशिश की जाती है तो यह संविधान के उल्लंघन का मामला बन सकता है। उन्होंने कहा कि संविधान में बदलाव के लिए उसके बुनियादी ढांचे को भी ध्यान में रखना होगा और इसके परिणामों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

सलमान खुर्शीद ने कहा कि देश के सभी लोगों को एकजुट होकर देशहित के बारे में एक सोच रखनी चाहिए, लेकिन चुनाव की प्रक्रिया को लेकर संवैधानिक प्रावधानों का पालन जरूरी है।

‘यह एक सपना है’

सलमान खुर्शीद ने कहा कि आज की संवैधानिक व्यवस्था किसी को यह कहने की इजाजत नहीं देती कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ आसानी से लागू किया जा सकता है। उन्होंने इसे फिलहाल एक सपना बताते हुए कहा कि इसे लागू करने से पहले संवैधानिक पहलुओं पर विचार करना जरूरी है।

2029 में एक साथ चुनाव की चर्चा तेज

वहीं, ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लेकर संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर संविधान में जरूरी संशोधन हो जाते हैं और राज्य सरकारें इसके लिए तैयार होती हैं, तो 2029 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराना संभव हो सकता है।

ऐसे में एक साथ चुनाव कराने के प्रस्ताव को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस आने वाले दिनों में और तेज होने के आसार हैं।

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