हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर संजय राउत का BJP-RSS से सवाल, बोले- ‘राहुल गांधी ने आखिर किया क्या?’
देहरादून: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद मंच के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। इस मामले में बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नेतृत्व से सीधे सवाल किए हैं।
संजय राउत ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर राहुल गांधी ने ऐसा क्या कर दिया, जिसके लिए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। उन्होंने खरगे की सभा के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ को जातिवादी मानसिकता और पाखंड करार दिया।
RSS प्रमुख मोहन भागवत से मांगा जवाब
संजय राउत ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि वह विदेशों, खासकर अमेरिका में जाकर राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता की बात करते हैं, लेकिन उत्तराखंड के हल्द्वानी में उनके स्थानीय समर्थकों द्वारा ‘शुद्धिकरण’ जैसी गतिविधियां की जा रही हैं।
राउत ने सवाल किया कि आखिर यह कैसा विरोधाभास है? उन्होंने RSS नेतृत्व और मोहन भागवत से मांग की कि इस तरह की घटनाओं को लेकर उनका स्पष्ट रुख सामने आना चाहिए।
यूबीटी सांसद ने यह भी कहा कि धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति करने वाले लोगों को अब जनता जवाब देने वाली है और ऐसे लोगों के सत्ता से बाहर होने का समय करीब है।
राहुल गांधी पर क्यों दर्ज हुई FIR?
दरअसल, हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण को लेकर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की थी कि खरगे के अपमान और कथित जातिवादी कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए।
इसके अगले ही दिन राहुल गांधी के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज कराई गई। यह शिकायत हल्द्वानी निवासी अमित कुमार ने दर्ज कराई है, जो वाल्मीकि समाज से आते हैं।
अमित कुमार का दावा है कि मंच की सफाई के दौरान वह और SC/ST समुदाय के कई अन्य लोग भी वहां मौजूद थे। उनके मुताबिक, इस पूरे मामले में जातिवाद का कोई पहलू नहीं है।
अमित कुमार ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी इस घटना को गलत तरीके से जातिवाद से जोड़कर समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
BJP का क्या कहना है?
वहीं, बीजेपी की ओर से दावा किया जा रहा है कि मंच के कथित शुद्धिकरण में शामिल लोग पार्टी के कार्यकर्ता नहीं थे। बीजेपी ने इस घटना से खुद को अलग बताया है।
मामले में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होने और मंच के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अब इस विवाद में RSS और बीजेपी नेतृत्व की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर भी नजर है।
