सीएम योगी आदित्यनाथ के नमाज वाले बयान पर इकरा हसन बोलीं- सड़कें भी हमारे समाज की संपत्ति…
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर नमाज अदा करने को लेकर चेतावनी देते हुए सोमवार को कहा कि धार्मिक स्थलों पर अलग-अलग पालियों में धर्म से संबंधित गतिविधियां की जानी चाहिए.
अब इस पर समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार, उन्हें किसी भी समुदाय को निशाना बनाने का कोई अधिकार नहीं है. सड़कें समाज की, हमारे लोगों की संपत्ति हैं. जिस तरह सड़कों पर मनाए जाने वाले दूसरे त्योहारों पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होती, उसी तरह 2 मिनट में पढ़ी जाने वाली नमाज पर भी कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए.
सीएम योगी ने क्या कहा था?
सीएम योगी ने कहा था कि उनकी सरकार सड़क जाम करके नमाज या किसी अन्य धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं देगी.उन्होंने कहा, ‘सड़कें आने-जाने के लिए होती हैं, तमाशा खड़ा करने के लिए नहीं. किसी को सड़क जाम करने का अधिकार किसने दिया? लोग अपने निर्धारित धार्मिक स्थलों पर जाकर प्रार्थना करें.’मुख्यमंत्री ने ईद-उल-अजहा से कुछ दिन पहले यह टिप्पणी की है, जो 28 मई को मनाई जाएगी.
आदित्यनाथ ने कहा कि उन्होंने मुस्लिम समुदाय से पालियों में नमाज अदा करने को कहा है.उन्होंने कहा, ‘अगर आपके घरों में सभी लोगों के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, तो आपको अपनी संख्या (जनसंख्या) पर नियंत्रण रखना चाहिए.’
‘टकराव के परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें…’
उन्होंने कहा था, ‘इसके अलावा यदि आप इस व्यवस्था में रहना चाहते हैं, तो इसके नियमों और कानूनों का पालन करना होगा. कानून का राज चलेगा. अगर नमाज पढ़ना जरूरी है तो पालियों में पढ़िए. हम आपको प्रार्थना करने से नहीं रोकेंगे, लेकिन सड़कों पर इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी.’
CM ने कहा था कि उनकी सरकार ने राज्य के प्रत्येक व्यक्ति को स्पष्ट कर दिया है कि सड़कों पर इस तरह का व्यवधान अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा था, ‘हम सड़कों पर अराजकता फैलने नहीं देंगे. यदि आप शांतिपूर्वक मानते हैं तो ठीक है. अगर नहीं मानेंगे तो हमें दूसरे कदम उठाने पड़ेंगे. हमारी प्राथमिकता संवाद करना है. यदि आप हमारी बात सुनते हैं तो बहुत अच्छा. अगर नहीं, तो टकराव के परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहिए.’
