‘केवल गाय को गुड़-रोटी खिलाने से कोई गौभक्त नहीं बन जाता’, शंकराचार्य का CM योगी पर निशाना

‘केवल गाय को गुड़-रोटी खिलाने से कोई गौभक्त नहीं बन जाता’, शंकराचार्य का CM योगी पर निशाना
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गुरुवार को अपनी गौ रक्षा यात्रा के दौरान अमेठी पहुंचे, जहां श्रद्धालुओं और भक्तों ने उनका भव्य स्वागत किया. अमेठी के प्रमुख चौक-चौराहों पर बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने फूल-मालाओं के साथ शंकराचार्य का अभिनंदन किया. यात्रा कस्बे के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए गौरीगंज के लिए रवाना हुई. इस दौरान जगह-जगह लोगों ने उनका स्वागत कर आशीर्वाद प्राप्त किया.

गौ रक्षा के लिए लोगों को दिलाया संकल्प

अमेठी पहुंचने पर शंकराचार्य ने उपस्थित लोगों को गौ रक्षा का संकल्प दिलाया. उन्होंने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म का महत्वपूर्ण आधार है. गौ माता की रक्षा करना हर सनातनी का कर्तव्य है. उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि समाज को एकजुट होकर गौ हत्या और गौ तस्करी के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए.

गोरखपुर से शुरू हुई है यात्रा

मीडिया से बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने बताया कि उनकी यह यात्रा गोरखपुर से शुरू हुई है. उन्होंने कहा कि यात्रा का उद्देश्य गौ माता के प्राणों और उनकी प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए जनजागरण करना है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को गौ संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है. अब तक लगभग 80 से 90 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि जहां भी वह जा रहे हैं, वहां लोगों में गौ माता की स्थिति को लेकर चिंता दिखाई दे रही है. लोगों का कहना है कि गौवंश की हालत लगातार खराब होती जा रही है और सरकार इस दिशा में गंभीर प्रयास नहीं कर रही हैं.

योगी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए शंकराचार्य ने कहा कि केवल गाय को गुड़-रोटी खिलाने या गौशाला चलाने से कोई व्यक्ति गौ भक्त नहीं बन जाता. उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गौ भक्त है तो उसे गाय को पशु की श्रेणी से हटाकर “गौ माता” घोषित करना चाहिए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास निर्णय लेने की शक्ति होती है, लेकिन आज भी गाय को माता कहने में हिचक दिखाई देती है. उन्होंने कहा कि जब कोई अपनी माता को माता कहने में संकोच करे तो उससे गौ रक्षा की क्या उम्मीद की जा सकती है.

गौशालाओं की स्थिति पर जताई नाराजगी

शंकराचार्य ने प्रदेश की गौशालाओं की स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा करोड़ों रुपये का बजट जारी करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति बेहद खराब है. उन्होंने आरोप लगाया कि कई गौशालाओं में गायों को पर्याप्त चारा, पानी और दवाइयां तक नहीं मिल पा रही हैं.  उन्होंने कहा कि गांव-गांव जाकर लोगों से बातचीत में पता चल रहा है कि कई स्थानों पर गायें सड़कों पर बेसहारा घूम रही हैं. कुछ स्थानों पर कुत्तों द्वारा गायों को नोचे जाने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं. उन्होंने कहा कि यदि मीडिया वास्तविक स्थिति की रिपोर्टिंग करना चाहे तो कई गौशालाओं में ताले लगे मिलते हैं. या फिर उन्हें वहां जाने की परमिशन ही नहीं है.

गौ रक्षा को बताया बड़ा चुनावी मुद्दा

शंकराचार्य ने कहा कि अब जनता केवल बिजली, पानी और विकास जैसे मुद्दों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि गौ माता की रक्षा भी बड़ा चुनावी मुद्दा बन चुकी है. उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में लोग गौ संरक्षण को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे हैं. आगे कहा कि जब वर्तमान सरकार सत्ता में आई थी तब लोगों को उम्मीद थी कि गौ रक्षा को प्राथमिकता मिलेगी, लेकिन वर्तमान हालात से लोग निराश हैं. शंकराचार्य ने कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना और गौ माता के सम्मान की रक्षा के लिए समाज को एकजुट करना है.

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