12 घंटे में हरियाणा से पंजाब तक मोदी का मेगा दौरा, विकास परियोजनाओं के साथ 2027 की सियासत को भी मिला नया संदेश

12 घंटे में हरियाणा से पंजाब तक मोदी का मेगा दौरा, विकास परियोजनाओं के साथ 2027 की सियासत को भी मिला नया संदेश

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब का एकदिवसीय दौरा केवल 26 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास तक सीमित नहीं रहा। इस पूरे दौरे को उत्तर भारत की राजनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। हरियाणा में विकास कार्यों को गति देने, चंडीगढ़ में स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र पर फोकस करने तथा पंजाब में भाजपा के शक्ति प्रदर्शन के जरिए पार्टी ने भविष्य की राजनीतिक रणनीति के स्पष्ट संकेत दिए।

दौरे की शुरुआत हरियाणा के जींद से हुई, जहां प्रधानमंत्री ने करीब 14,700 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने देश की पहली हाइड्रोजन चालित ट्रेन को हरी झंडी दिखाई, जिसे स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक तकनीक की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इसके अलावा दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे, अंबाला-काला अंब हाईवे, जींद-गोहाना ग्रीनफील्ड मार्ग, हांसी-बरवाला परियोजना और कुरुक्षेत्र के एलिवेटेड रेलवे ट्रैक जैसी कई सड़क एवं रेल परियोजनाओं को गति दी गई। भिवानी और नारनौल के मेडिकल कॉलेजों को राष्ट्र को समर्पित कर स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने का संदेश भी दिया गया। वहीं, कुरुक्षेत्र में सिख संग्रहालय की आधारशिला रखकर सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव का भी संकेत दिया गया।

हरियाणा के बाद प्रधानमंत्री चंडीगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने 4,700 करोड़ रुपये से अधिक की स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। पीजीआईएमईआर में आधुनिक मातृ एवं शिशु केंद्र, तंत्रिका विज्ञान केंद्र और 150 बेड वाले गहन चिकित्सा ब्लॉक की आधारशिला रखी गई। इन परियोजनाओं को क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

चंडीगढ़ स्थित पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से केंद्र सरकार ने शिक्षा और संस्थागत विकास को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल होने का संदेश दिया। कार्यक्रम में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी की मौजूदगी ने विकास परियोजनाओं को राजनीतिक सीमाओं से ऊपर रखने का प्रतीकात्मक संकेत भी दिया।

हालांकि पूरे दौरे का सबसे अधिक राजनीतिक महत्व पंजाब के जालंधर कार्यक्रम को माना जा रहा है। यहां प्रधानमंत्री ने 5,400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया तथा भाजपा की जनसभा को संबोधित किया। ऐसे समय में यह कार्यक्रम हुआ, जब पंजाब की राजनीति में विभिन्न दल अपनी-अपनी रणनीतियों को मजबूत करने में जुटे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा पंजाब में अपने संगठन को लगातार विस्तार देने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री की मौजूदगी से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ा है और यह संदेश भी गया है कि भाजपा राज्य में अपनी राजनीतिक भूमिका को और मजबूत करना चाहती है।

पूरे दौरे को देखें तो हरियाणा में विकास परियोजनाओं का विस्तार, चंडीगढ़ में स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में निवेश तथा पंजाब में संगठनात्मक सक्रियता—इन तीनों पहलुओं ने प्रधानमंत्री मोदी के इस कार्यक्रम को महज सरकारी आयोजनों तक सीमित नहीं रहने दिया। विकास और राजनीतिक संदेशों के संतुलन के साथ यह दौरा उत्तर भारत में भाजपा की भविष्य की रणनीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।