एटा में 21 दिन के धरने का समापन, विधायक ने आशाओं को मिठाई खिलाई
एटा में आशा कार्यकर्ताओं का 21 दिन से चल रहा धरना शनिवार सुबह 11 बजे समाप्त हो गया। यह धरना कलेक्ट्रेट के बाहर आयोजित किया गया था, जहां विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी ने प्रदर्शनकारी आशाओं को मिठाई खिलाकर धरना खत्म कराया।
विधायक लोधी ने आशा कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि वे उनकी समस्याओं को लेकर डिप्टी सीएम से मिलेंगे। आशा कार्यकर्ताओं ने सरकारी कर्मचारी घोषित करने और न्यूनतम 18 हजार रुपये मासिक मानदेय देने सहित 15 सूत्रीय मांगें रखी थीं।
प्रदर्शन ‘आपकी आवाज सामाजिक संगठन’ के बैनर तले प्रदेश अध्यक्ष पुष्पा के नेतृत्व में किया गया। आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे स्वास्थ्य सेवाओं को आम जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन उन्हें सरकारी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिलतीं।
आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जाता, तब तक उन्हें नियुक्ति की तिथि से न्यूनतम 18 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाए। उन्होंने 15वें भारतीय श्रम सम्मेलन द्वारा तय मानकों और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के आधार पर न्यूनतम वेतन निर्धारित करने की मांग की है।
पुष्पा देवी ने बताया कि उन्होंने पहले भी कई बार ज्ञापन सौंपे हैं और विधायक ने उनकी बात सुनकर आश्वासन दिया है। विधायक लोधी ने कहा कि महिलाएं लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रही थीं और उनका प्रयास एक दिन सफल होगा।
