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महाराष्ट्र में CM का नाम फाइनल! केंद्रीय मंत्री ने 2 और 4 कदम पीछे हटने का क्यों दिया उदाहरण

महाराष्ट्र में CM का नाम फाइनल! केंद्रीय मंत्री ने 2 और 4 कदम पीछे हटने का क्यों दिया उदाहरण

नई दिल्ली:  महाराष्ट्र में बंपर सीटें जीतने के बाद भी भाजपा नेतृत्व के लिए मुख्यमंत्री की गुत्थी सुलझने का नाम नहीं ले रही है। इस बीच सीएम चेहरे को लेकर रामदास आठवले का बयान सामने आया है। रामदास आठवले का कहना है, ”महाराष्ट्र विवाद जल्द खत्म होना चाहिए…बीजेपी आलाकमान ने फैसला किया है कि देवेंद्र फडणवीस को सीएम बनाया जाए लेकिन एकनाथ शिंदे नाखुश हैंकेंद्रीय मंत्री ने देवेंद्र फडणवीस का उदाहरण देते हुए बताया कि एकनाथ शिंदे को 2 कदम पीछे हट जाना चाहिए, जैसे देवेन्द्र फडणवीस 4 कदम पीछे हट गए और उनके नेतृत्व में एकनाथ शिंदे को काम करना चाहिए सीएम या पर कम से कम एक केंद्रीय मंत्री, पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस बारे में जरूर सोचेंगे और कुछ फैसले जल्दी लेने चाहिए।

‘हमें एकनाथ शिंदे के 57 विधायकों की जरूरत है’

रामदास आठवले ने आगे कहा, हमें एकनाथ शिंदे और उनके 57 विधायकों की बहुत जरूरत है… जल्दी समझौता होना चाहिए और कैबिनेट को चाहिए बड़े विश्वास के साथ विस्तार किया जाए, लेकिन मेरी पार्टी को उस कैबिनेट में एक मंत्री पद मिलना चाहिए, मैंने ऐसी ही मांग देवेंद्र फडणवीस से की थी।”

सीएम फेस को लेकर क्या बोले संजय राउत?

महाराष्ट्र के सीएम चेहरे पर, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत का भी बयान सामने आया था, “सीएम का फैसला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे। एकनाथ शिंदे और अजीत पवार अपनी पार्टियों के लिए फैसले खुद नहीं ले सकते। ये दोनों पार्टियां हैं।” अमित शाह और पीएम मोदी के गुलाम हैं और बीजेपी की उपकंपनियां हैं। फिलहाल बीजेपी के पास बहुमत है…वो बहुमत के लिए एकनाथ शिंदे और अजित पवार की पार्टियों को तोड़ सकते हैं…मेरे हिसाब से तो देवेंद्र फडणवीस ही होंगे।वहीं शिंदे गुट के नेता दीपक केसरकर का कहना है, ”सीएम एकनाथ शिंदे ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है और राज्यपाल ने नई सरकार बनने तक उन्हें कार्यवाहक सीएम नियुक्त किया है। महायुति नेता एक साथ बैठेंगे और चर्चा करेंगे और दिल्ली जाएंगे और फिर कोई फैसला करेंगे।…सीएम शिंदे ने साफ कहा है कि पीएम मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जो भी फैसला लेंगे, वह उन्हें स्वीकार्य होगा।”

 

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