‘कह दो मेरी जरूरत नहीं…’, बृजभूषण शरण सिंह का वो बयान जिसके बाद लगने लगे सपा में जाने के कयास

‘कह दो मेरी जरूरत नहीं…’, बृजभूषण शरण सिंह का वो बयान जिसके बाद लगने लगे सपा में जाने के कयास
पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह

यूपी के कैसरगंज से बीजेपी के पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह के बीते दिनों से समाजवादी पार्टी में जाने के कयास लगाए जा रहे हैं. ऐसे में सवाल पैदा हो रहा है कि आखिर यह कयास क्यों लग रहे हैं. इन कयासों की वजह बृज भूषण शरण सिंह खुद हैं. दरअसल एक कार्यक्रम में जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने एक बयान दिया. जिसकी वजह से अटकलें लगाई जा रही है कि बीजेपी के साथ उनका ताल-मेल ठीक नहीं है.

बिहार के भागलपुर में गुरुवार (30 अप्रैल) को उन्होंने बयान देते हुए एक बार फिर नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि आज की सरकारों में हमारा अस्तित्व नहीं है. इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर किसी को लगता है कि हम सबके के लिए भार बन चुके हैं तो एक बार तो कह दीजिए कि मेरी जरूरत नहीं है.

एक बार कह दो मेरी जरूरत नहीं है- बृज भूषण शरण सिंह

बृज भूषण शरण सिंह ने कहा कि हम अगर भार ही बन चुके हैं तो 2027 में कह दो या फिर 2029 में कह देना. हम दिखा देंगे कि हमारी उपयोगिता है. इस दौरान उन्होंने बाबू वीर कुंवर सिंह विजय उत्सव के दौरान क्षत्रियों को राजनीति में अनदेखा करने का मुद्दा उठाया.

इस वजह से भी लगाई जा रही हैं सपा में शामिल होने की अटकलें

दरअसल बीते दिनों बीजेपी विधायक अनुपमा जायसवाल द्वारा अखिलेश यादव का पुतला फूंका गया. इस दौरान वह झुलस गईं और उनको अस्पताल में भर्ती होना पड़ा. वहीं बीजेपी विधायक का हालचाल जानने के लिए अखिलेश यादव मेदांता अस्पताल पहुंच गए. जिसके बाद बृज भूषण शरण सिंह ने अखिलेश यादव के इस कदम की सराहना की थी.

उन्होंने इसे मुश्किल वक्त में राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी से संपर्क साधने को राजनीतिक परिपक्वता और नेतृत्व का उदाहरण करार दिया था. हाल ही में बृज भूषण शरण सिंह द्वारा अखिलेश यादव की लगातार तारीफ करने से सपा में शामिल होने की अटकलों को बल मिला.

लगातार दे रहे बयानों से लग रहे हैं कयास

बृज भूषण शरण लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं जो बीजेपी से उनकी नाराजगी या पार्टी में सबकुछ ठीक नहीं है के संकेत दिखाई देते हैं. हाल ही में उन्होंने कहा था कि अब ज्यादा समझाने का समय नहीं रह गया है. अब समय अपनी ताकत पहचानने का है.

आगे कहा था कि हमारी गलती ये है कि जब-जब हमें दबाया, हम चुप रहे. इसी वजह से हम पर खास ध्यान नहीं दिया जाता. हमारी यह कमी है कि हम अपने महापुरुषों कुंवर सिंह, महाराजा देवी बक्श सिंह, बिरसा मुंडा और झांसी की रानी को उचित जगह नहीं दिलवा पाए.

बयानबाजी से मिली अटकलों को हवा

बृज भूषण शरण सिंह की ओर से की जा रही इस तरह की बयानबाजी से इन अटकलों को हवा मिली है. ऐसा कहा जा रहा है कि वह अपने प्रतीक भूषण को सरकार में और करण भूषण को संगठन में जगह दिलवाने की कोशिश कर रहे हैं.

क्योंकि कुछ दिनों में यूपी सरकार के मंत्रिमंडल में विस्तार किया जाएगा. जिससे वह सरकार और संगठन दोनों पर दवाब डालने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना है कि जैसे पहले उन्हें संगठन की ओर से महत्व दिया जाता था वैसा अब नहीं मिल रहा है. इसी वजह से वे क्षत्रिय राजनीति से अपना वर्चस्व दिखाना चाह रहे हैं.

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