कांवड़ यात्रा का आगाज आज से, सुरक्षा के कड़े इंतजाम; 6 हजार जवान तैनात, ड्रोन से होगी निगरानी

कांवड़ यात्रा का आगाज आज से, सुरक्षा के कड़े इंतजाम; 6 हजार जवान तैनात, ड्रोन से होगी निगरानी

नई दिल्ली। सावन की आस्था से जुड़ी कांवड़ यात्रा का शुभारंभ आज से हो रहा है। लाखों श्रद्धालुओं के हरिद्वार और अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों की ओर बढ़ने के साथ ही प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं। यात्रा को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने विशेष एडवाइजरी जारी की है और कांवड़ मार्गों पर भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

दिल्ली के यमुनापार क्षेत्र पर कांवड़ यात्रा का सबसे अधिक प्रभाव पड़ने की संभावना है, क्योंकि यह इलाका उत्तर प्रदेश की सीमा से जुड़ा हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए कांवड़ मार्गों पर अगले 15 दिनों तक भारी वाहनों की आवाजाही सीमित रहेगी, जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

उधर, हरिद्वार में 11 अगस्त तक चलने वाली कांवड़ यात्रा के लिए शासन और प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कांवड़ की ऊंचाई को भी निर्धारित किया गया है। प्रशासन के अनुसार पैदल कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई छह फीट और झांकी की ऊंचाई दस फीट तय की गई है।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए करीब छह हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। स्नान घाटों पर जल पुलिस मुस्तैद रहेगी, जबकि पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जाएगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

यात्रियों के वाहनों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था की गई है और विस्तृत ट्रैफिक प्लान लागू कर दिया गया है। हरिद्वार-दिल्ली, हरिद्वार-नजीबाबाद और हरिद्वार-रुड़की हाईवे पर 4 अगस्त तक रात के समय ही भारी वाहनों को अनुमति होगी, जबकि 5 अगस्त से 11 अगस्त तक इन मार्गों पर भारी वाहनों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर भी कांवड़ वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है।

प्रशासन को इस वर्ष लगभग 5.5 करोड़ कांवड़ यात्रियों के आने की उम्मीद है। पिछले वर्ष हरिद्वार में 4.52 करोड़ श्रद्धालुओं ने कांवड़ यात्रा में हिस्सा लिया था। बढ़ती संख्या को देखते हुए मेला क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की गई है तथा सभी प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सुरक्षा, सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है। वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि कांवड़ यात्रियों की सहायता और जानकारी के लिए विशेष क्यूआर कोड भी जारी किया गया है, जिससे उन्हें आवश्यक सेवाओं तक आसानी से पहुंच मिल सके।