बढ़ा हुआ एलडीएल कोलेस्ट्रॉल दिल के लिए खतरनाक, हृदय रोग का जोखिम अधिक: डॉ. हरिओम त्यागी
एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया की मासिक वैज्ञानिक गोष्ठी में हृदय रोगों की रोकथाम पर मंथन, नियमित व्यायाम और संतुलित खानपान पर दिया जोर
सहारनपुर। मेरठ से आए वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. हरिओम त्यागी ने कहा कि शरीर में एलडीएल (खराब) कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ना हृदय रोगों के खतरे को बढ़ा सकता है। इसलिए कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिन मरीजों में स्टेटिन दवाओं के सेवन के बावजूद एलडीएल कोलेस्ट्रॉल निर्धारित लक्ष्य तक नियंत्रित नहीं हो पाता, उनमें चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार स्टेटिन के साथ इजेटिमाइब दवा का इस्तेमाल लाभकारी हो सकता है।
डॉ. हरिओम त्यागी अंबाला रोड स्थित एक होटल के सभागार में आयोजित एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया (एपीआई) की सहारनपुर शाखा की मासिक वैज्ञानिक गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
भारतीयों में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखना अधिक जरूरी
गोष्ठी में डॉ. त्यागी ने हृदय रोगों के जोखिम और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों की तुलना में भारतीयों में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का लक्ष्य अधिक सावधानी से निर्धारित करने की आवश्यकता है। उन्होंने हृदय रोग के जोखिम वाले मरीजों में समय पर जांच, उचित उपचार और नियमित चिकित्सकीय निगरानी के महत्व पर जोर दिया।
तली-भुनी चीजों से करें परहेज, नियमित व्यायाम जरूरी
एपीआई के अध्यक्ष डॉ. कलीम अहमद ने कहा कि हृदय रोगों से बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बेहद आवश्यक है। लोगों को अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। भोजन में अधिक तली-भुनी चीजों, चीनी और नमक के अत्यधिक सेवन से बचना चाहिए। इसके अलावा शराब और धूम्रपान से दूरी बनाना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनावमुक्त जीवनशैली हृदय को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन शारीरिक गतिविधियों के लिए समय निकालना चाहिए और छह से आठ घंटे की पर्याप्त नींद लेने का प्रयास करना चाहिए।
गोष्ठी में चिकित्सकों ने किया विचार-विमर्श
कार्यक्रम में एपीआई के सचिव डॉ. विकास अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि वैज्ञानिक सचिव डॉ. सौम्या जैन ने गोष्ठी का संचालन किया।
इस अवसर पर डॉ. अनुपम मलिक, डॉ. नरेश नौसरान, डॉ. संजीव मित्तल, डॉ. सुधीर अग्रवाल, डॉ. अनिल मलिक, डॉ. विजय अग्रवाल, डॉ. सीएस चोपड़ा, डॉ. रजत बंसल, डॉ. एके गुप्ता और डॉ. शिफाउल्लाह सहित अनेक चिकित्सक उपस्थित रहे।
