राजनीतिक हिस्सेदारी नहीं मिली तो समाज लेगा बड़ा निर्णय: मांगेराम त्यागी
एकजुटता और राजनीतिक ताकत बढ़ाने का आह्वान
जड़ौदा पांडा। गांव जड़ौदा पांडा में त्यागी ब्राह्मण भूमिहार समिति के तत्वावधान में आयोजित भव्य स्वागत समारोह में समाज की एकजुटता और राजनीतिक भागीदारी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। समारोह में समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगेराम त्यागी का ग्रामीणों, समाज के गणमान्य लोगों और युवाओं ने फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए और समाज को संगठित करने के साथ-साथ राजनीतिक स्तर पर प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर मंथन किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने कहा कि वर्तमान समय में समाज के अधिकारों, सम्मान और हितों की रक्षा के लिए त्यागी-ब्राह्मण समाज का एकजुट होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज में आपसी बिखराव के कारण राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर वह प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा है, जिसका समाज हकदार है। यदि समाज एक मंच पर आकर अपनी एकजुटता और ताकत का प्रदर्शन करे तो राजनीतिक दलों के लिए भी उसकी उपेक्षा करना आसान नहीं होगा।
राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर मुखर हुआ समाज
मांगेराम त्यागी ने कहा कि अब समाज को अपनी राजनीतिक भूमिका को लेकर गंभीरता से विचार करना होगा। केवल चुनाव के समय राजनीतिक दलों का समर्थन करने के बजाय समाज को अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी और प्रतिनिधित्व के मुद्दे को मजबूती से उठाना होगा। उन्होंने कहा कि समाज की सामाजिक सक्रियता, संख्या और क्षेत्र में प्रभाव को देखते हुए राजनीतिक दलों को भी उचित प्रतिनिधित्व पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
उन्होंने समाज के युवाओं से आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि युवा शक्ति किसी भी संगठन की सबसे बड़ी ताकत होती है। युवाओं को सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए समाज को मजबूत बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।
राजनीतिक दलों को दो टूक संदेश
समारोह के दौरान वक्ताओं ने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक दलों को भी स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि त्यागी-ब्राह्मण समाज अब अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर जागरूक हो चुका है और समाज की उपेक्षा को अनिश्चितकाल तक स्वीकार नहीं किया जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि यदि राजनीतिक दलों ने समाज की आबादी, सामाजिक प्रभाव और अपेक्षाओं के अनुरूप राजनीतिक हिस्सेदारी और प्रतिनिधित्व नहीं दिया तो समाज अपनी रणनीति पर नए सिरे से विचार करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज अपने अधिकारों और सम्मान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी राजनीतिक ताकत का अहसास कराने के लिए बड़ा निर्णय लेने से पीछे नहीं हटेगा।
एकजुटता को बताया सबसे बड़ी ताकत
समारोह में समाज की आंतरिक एकता पर भी विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि आपसी मतभेदों और छोटे-छोटे विवादों को पीछे छोड़कर समाज के सभी लोगों को एक मंच पर आने की आवश्यकता है। जब समाज संगठित होगा तभी उसकी आवाज राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रभावी ढंग से सुनी जाएगी।
उन्होंने कहा कि समाज के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर सामूहिक रूप से आवाज उठाने और संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने की जरूरत है। इसके लिए युवाओं, वरिष्ठों और समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने पर जोर दिया गया।
युवाओं से सक्रिय भागीदारी की अपील
कार्यक्रम में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए वक्ताओं ने कहा कि आने वाले समय में समाज की दिशा और दशा तय करने में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। युवाओं से सामाजिक सरोकारों से जुड़ने, संगठन को मजबूत करने और समाज के हितों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से सक्रिय रहने का आह्वान किया गया।
समारोह के अंत में उपस्थित समाज के लोगों ने एकजुटता बनाए रखने और संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारी, स्थानीय गणमान्य नागरिक, ग्रामीण, युवा कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान समाज की एकता, राजनीतिक भागीदारी और भविष्य की रणनीति को लेकर उत्साह का माहौल बना रहा।

