राघव चड्ढा समेत AAP छोड़ने वाले सांसदों पर बरसे अरविंद केजरीवाल
बोले- राज्यसभा भेजने से पहले अब ‘सौ बार ठोक-बजाकर’ देखेंगे, विधायकों की वफादारी पर जताया भरोसा
पणजी। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पार्टी छोड़कर बीजेपी का रुख करने वाले राज्यसभा सांसदों पर तीखा हमला बोला है। गोवा में गोवा फॉरवर्ड पार्टी के साथ गठबंधन के ऐलान के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने बिना नाम लिए राघव चड्ढा समेत पार्टी छोड़ने वाले सभी सात राज्यसभा सांसदों पर निशाना साधा।
केजरीवाल ने कहा कि पार्टी ने जिन नेताओं को राज्यसभा भेजा था, उन्हें जनता ने सीधे तौर पर नहीं चुना था। उनके मुताबिक, इन सांसदों ने पार्टी छोड़कर संगठन के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से आम आदमी पार्टी ने एक महत्वपूर्ण सबक सीखा है और भविष्य में राज्यसभा के लिए किसी नेता का चयन करते समय उसकी विश्वसनीयता और निष्ठा को बेहद गंभीरता से परखा जाएगा।
‘राज्यसभा सांसदों ने पार्टी को धोखा दिया’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जहां-जहां आम आदमी पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधि हैं, वहां उन्होंने जनता के साथ विश्वासघात नहीं किया है। उन्होंने राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने को अलग परिस्थिति बताते हुए कहा कि ये सांसद पार्टी के भरोसे पर राज्यसभा पहुंचे थे।
केजरीवाल ने कहा कि आगे से राज्यसभा भेजने से पहले पार्टी उम्मीदवार की निष्ठा और विश्वसनीयता को अच्छी तरह परखेगी। उन्होंने कहा कि अब किसी को राज्यसभा भेजने से पहले ‘सौ बार ठोक-बजाकर’ देखा जाएगा कि संबंधित व्यक्ति पार्टी और उसके विचारों के प्रति कितना प्रतिबद्ध है।
‘हमारे विधायक वफादार’
AAP प्रमुख ने दिल्ली, गोवा, जम्मू-कश्मीर और गुजरात में पार्टी के राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए दावा किया कि दलबदल के कथित प्रयासों के बावजूद पार्टी के निर्वाचित विधायक उसके साथ मजबूती से खड़े रहे हैं।
केजरीवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पार्टी का एक विधायक और गुजरात में पांच विधायक हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के इन निर्वाचित प्रतिनिधियों ने मुश्किल राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद पार्टी का साथ नहीं छोड़ा।
गोवा के दोनों विधायकों का भी किया जिक्र
गोवा की राजनीति का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में गोवा की जनता ने आम आदमी पार्टी के दो विधायकों को चुना था। उन्होंने दावा किया कि इन विधायकों को पार्टी छोड़ने के लिए तैयार करने के प्रयास किए गए, लेकिन दोनों विधायक AAP के साथ बने रहे।
उन्होंने कहा कि यह पार्टी और उसके निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच भरोसे को दर्शाता है। केजरीवाल के मुताबिक, जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों ने पार्टी और मतदाताओं के साथ विश्वासघात नहीं किया।
गुजरात का उदाहरण देकर बीजेपी पर निशाना
गुजरात का उदाहरण देते हुए केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी के एक विधायक ने इस्तीफा दिया था। इसके बाद हुए उपचुनाव में AAP ने बीजेपी को हराया। उन्होंने इसे पार्टी के संगठन और जनता के समर्थन का उदाहरण बताया।
केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी के सामने भले ही राजनीतिक चुनौतियां रही हों, लेकिन जहां पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधि मौजूद हैं, वहां उन्होंने जनता के भरोसे को कायम रखा है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने की घटना से AAP ने सबक लिया है और भविष्य में उम्मीदवारों के चयन में ज्यादा सावधानी बरती जाएगी।
गोवा में गठबंधन के ऐलान के बीच केजरीवाल के इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति और पार्टी के भीतर संगठनात्मक अनुशासन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
