‘तो वह मना कर दें न…’, अखिलेश के चाचा के बयान पर भड़के राजेंद्र पाल गौतम
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है. यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सपा सांसद शिवपाल सिंह यादव के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस 50 से ज्यादा सीटों की उम्मीद न करे.
यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि तो वह मना कर दें न, वह साफ कह दें कि उन्हें गठबंधन नहीं करना है. कम से कम बात तो न्यायपूर्ण होनी चाहिए. इस तरह के हल्के बयान देने की जरूरत क्या थी.
राजेंद्र पाल गौतम ने उन सपा नेताओं के दावों पर भी पलटवार किया, जिनका कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को जो फायदा हुआ, वह समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की वजह से मिला. उन्होंने सवाल किया कि अगर ऐसा था तो 2019 में सपा को सिर्फ पांच लोकसभा सीटें क्यों मिली थीं.
सपा को 37 सीटें गठबंधन से मिलीं
राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि 2024 का चुनाव सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के मुद्दे पर राहुल गांधी और INDIA गठबंधन ने लड़ा था. उन्होंने कहा कि इस चुनाव में सपा को 37 सीटें मिलीं और यह सिर्फ सपा की वजह से नहीं, बल्कि पूरे गठबंधन और राहुल गांधी की मेहनत का परिणाम था.
कांग्रेस नेता ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने करीब 4,500 किलोमीटर की यात्रा के दौरान मजदूरों, किसानों, वंचित वर्गों, बढ़ई, मैकेनिक, कुली और समाज के हर वर्ग के लोगों से मुलाकात की और उनके हक-अधिकार की लड़ाई लड़ी. उन्होंने कहा कि अगर कोई यह सोचता है कि 37 सीटें सिर्फ समाजवादी पार्टी की वजह से मिलीं, तो यह अखिलेश यादव और उनके नेताओं की गलतफहमी है.
सीट बंटवारे को लेकर राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि गठबंधन होने पर दोनों पार्टियां मिलकर चुनाव जीतेंगी और सरकार बनाएंगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस हार की नहीं, जीत की बात कर रही है. चुनाव किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पार्टियों का होता है और जनता पार्टी को वोट देती है. उन्होंने कहा कि विचारधारा के मामले में कांग्रेस पूरे देश में नंबर एक पर है.
कांग्रेस की मांग है कि हिस्सेदारी और सम्मान बराबर हो
वहीं, यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के 150 सीटों पर चुनाव लड़ने के दावे को गौतम ने गलत बताया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने कभी 150 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात नहीं की है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि हिस्सेदारी और सम्मान बराबर होना चाहिए, लेकिन पार्टी लचीला रुख अपनाने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर कांग्रेस थोड़ा झुकने को भी तैयार है और सीटों की संख्या दोनों दलों की वरिष्ठ लीडरशिप बातचीत के बाद तय करेगी.
अक्टूबर में ही हो सपा-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारा
राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि अक्टूबर में ही सपा-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को अंतिम रूप दे दिया जाए, ताकि उम्मीदवारों को चुनाव की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके. उन्होंने कहा कि अक्टूबर में सीट बंटवारे पर अंतिम फैसला करने की कोशिश होगी.
