‘ऐसा व्यवहार किया गया मानो मैं आतंकवादी हूं’, कोर्ट से राहत मिलने के बाद बोले गिरिराज सिंह

‘ऐसा व्यवहार किया गया मानो मैं आतंकवादी हूं’, कोर्ट से राहत मिलने के बाद बोले गिरिराज सिंह

बेगूसराय/नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय से सांसद गिरिराज सिंह को चर्चित ‘दो गज जमीन’ बयान मामले में सोमवार को बड़ी कानूनी राहत मिली। एमपी-एमएलए कोर्ट के एसीजेएम प्रथम ने उनकी अग्रिम जमानत को बरकरार रखते हुए राहत प्रदान की। वहीं, हर सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से स्थायी छूट की मांग वाली याचिका पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।

बेगूसराय के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे गिरिराज सिंह स्वयं अदालत में पेश हुए। सुनवाई के बाद उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक दुर्भावना के चलते उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर ऐसी गंभीर धाराएं लगाई गईं, जैसे वह कोई आतंकवादी हों। हालांकि उन्होंने न्यायपालिका पर पूरा भरोसा जताते हुए अदालत के प्रति आभार व्यक्त किया।

मामले से जुड़े अधिवक्ता अमरेंद्र कुमार अमर के अनुसार, 6 अप्रैल 2019 को जीडी कॉलेज परिसर में आयोजित एक चुनावी सभा में दिए गए भाषण को लेकर गिरिराज सिंह के खिलाफ धार्मिक विद्वेष फैलाने समेत विभिन्न आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। तत्कालीन जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर थाना में कांड संख्या-221/2019 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

बचाव पक्ष का कहना है कि अभियोजन पक्ष अब तक आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाया है। कथित भाषण की प्रमाणित वीडियो रिकॉर्डिंग और उससे संबंधित सीजर लिस्ट भी न्यायालय के रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है। अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि केंद्रीय मंत्री होने के कारण गिरिराज सिंह पर कई प्रशासनिक और सार्वजनिक दायित्व हैं, इसलिए उन्हें व्यक्तिगत उपस्थिति से स्थायी छूट प्रदान की जानी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में दिए गए ‘दो गज जमीन’ बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी विवाद हुआ था। इस मामले में मूल केस डायरी के गायब होने का मुद्दा भी समय-समय पर चर्चा का विषय रहा है। अब सभी की निगाहें धारा-205 के तहत दायर आवेदन पर अदालत के फैसले पर टिकी हैं, जिससे मामले की आगामी सुनवाई की दिशा तय होगी।

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