हाईकोर्ट ने मेरठ में दुकान तोड़ने की कार्रवाई पर लगाई रोक
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ के सिविल लाइंस क्षेत्र में एक दुकान को तोड़ने और दुकानदार को बेदखल करने की कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने बृजमोहन की याचिका पर दिया।
याचिकाकर्ता बृजमोहन ने अदालत में कहा कि वह मेरठ के सिविल लाइंस क्षेत्र में स्थित दुकान का लाइसेंसधारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम की ओर से उन्हें बिना नोटिस और अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बिना दुकान से बेदखल करने की धमकी दी जा रही है।
बृजमोहन ने यह भी कहा कि दुकान हटाने से पहले उन्हें कोई वैकल्पिक स्थान आवंटित नहीं किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बिना उचित प्रक्रिया अपनाए उन्हें दुकान से हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
सुनवाई के दौरान, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के स्थायी अधिवक्ता और नगर निगम के अधिवक्ता को संबंधित अधिकारियों से निर्देश प्राप्त करने के लिए कहा। कोर्ट ने फिलहाल दुकान तोड़ने और दुकानदार को बेदखल करने की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। अगली सुनवाई 18 नवंबर को होगी, जहां संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।
