उद्योगों एवं उद्यमियों को प्रोत्साहित करे सरकार: अनुपम
- उद्यमी ने औद्योगिक एवं व्यापारिक संगठनों को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करने की उठाई मांग
सहारनपुर। उद्योग एवं व्यापार जगत से जुड़े अनुपम गुप्ता ने सहारनपुर के समग्र विकास को लेकर जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और औद्योगिक संगठनों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा है कि शहर को केवल आश्वासनों की नहीं, बल्कि विकास प्रक्रिया में वास्तविक सहभागिता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सहारनपुर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के संगम पर स्थित एक महत्वपूर्ण व्यापारिक एवं औद्योगिक केंद्र है। यहां विश्व प्रसिद्ध वुड कार्विंग उद्योग, पेपर उद्योग, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था तथा हजारों सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) मौजूद हैं, जो लाखों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध कराते हैं। इसके बावजूद शहर औद्योगिक निवेश और आधारभूत सुविधाओं के मामले में अपेक्षित गति से विकास नहीं कर पा रहा है। अनुपम गुप्ता ने कहा कि सहारनपुर में क्षमता, उद्यमियों और मेहनतकश लोगों की कोई कमी नहीं है। कमी केवल सरकार, जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और औद्योगिक संगठनों के बीच प्रभावी संवाद एवं सहभागिता की है। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्योग एवं व्यापारिक संगठनों को अक्सर केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित रखा जाता है, जबकि विकास संबंधी निर्णयों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री जैसे शीर्ष नेताओं के दौरे शहर के विकास के लिए महत्वपूर्ण अवसर होते हैं, लेकिन ऐसे मौकों पर स्थानीय व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों को अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिल पाता। उनका कहना था कि उद्योग जगत केवल निवेश ही नहीं करता, बल्कि रोजगार सृजन, कर राजस्व और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए उन्हें नीति निर्माण और विकास योजनाओं में सम्मानजनक स्थान मिलना चाहिए। अनुपम गुप्ता ने सुझाव दिया कि प्रत्येक दो माह में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाए तथा पांच और दस वर्षों का साझा विकास रोडमैप तैयार किया जाए।
