‘इंस्टीट्यूशन करप्शन और महिलाओं के ऊपर अत्याचार, सरकार ने शुरू की कार्रवाई’, प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बोले शुभेंदु अधिकारी
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बंगाल की जनता ने ‘डबल इंजन सरकार’ के सपने को पूरा कर दिया है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि चुनाव के दौरान हमारे दो कमिटमेंट थे। इसमें इंस्टीट्यूशन करप्शन और महिलाओं के ऊपर अत्याचार था। सरकार ने अब इन मामले की कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि राज्य में लंबे समय से लोग जल जीवन मिशन के सही तरीके से लागू होने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन कागजों में योजना लागू होने के बावजूद जमीनी हकीकत संतोषजनक नहीं रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीच में योजना का नाम बदल दिया गया था, जिसका उन्होंने विधानसभा के अंदर और बाहर विरोध किया था। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि नई सरकार जनता से किए गए सभी वादों को पूरा करेगी और हर घर तक साफ पानी पहुंचाने की दिशा में तेजी से काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में जरूरी सहमति बन चुकी है। बंगाल की जनता लंबे समय से ‘हर नल जल’ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का इंतजार कर रही थी। साथ ही उन्होंने यह भी माना कि बंगाल में अभी काम बाकी है। राज्य की वित्तीय स्थिति भी बेहतर नहीं है।
सीएम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान किए गए दो प्रमुख वादों पर सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि राज्य कैबिनेट ने भ्रष्टाचार और महिलाओं-बच्चों के खिलाफ अत्याचार के मामलों की जांच के लिए दो अलग-अलग कमेटियों के गठन को मंजूरी दे दी है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं में हुए भ्रष्टाचार, कट मनी और आवास योजना समेत विभिन्न मामलों की जांच के लिए पूर्व जस्टिस बिस्वजीत बसु की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी 1 जून से काम शुरू करेगी और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कार्रवाई की सिफारिश करेगी।
सीएम अधिकारी ने कहा कि आम जनता भी इस कमेटी के सामने अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगी और 30 दिनों के भीतर सिफारिशें आना शुरू हो जाएंगी। साथ ही महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अत्याचार के मामलों की जांच के लिए पूर्व जस्टिस समाप्ति चटर्जी की अध्यक्षता में दूसरी कमेटी गठित की गई है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि आरजी कर अस्पताल, कसबा कॉलेज समेत महिलाओं पर अत्याचार से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान जनता से ‘संस्थागत भ्रष्टाचार खत्म करने’ और ‘महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने’ का वादा किया गया था, जिस पर अब सरकार ने आधिकारिक तौर पर काम शुरू कर दिया है।
