सोनिया गांधी पर गिरिराज सिंह का तीखा हमला, बोले- कांग्रेस अब कभी सत्ता में वापस नहीं लौटेगी
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शनिवार को कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस की सत्ता में वापसी की संभावनाओं को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी अब देश में कभी सत्ता में नहीं लौटेगी। गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी को लेकर भी निशाना साधा और कहा कि सोनिया गांधी अपने बेटे को राजनीति में स्थापित करने की कोशिश करते-करते थक चुकी हैं।
गिरिराज सिंह की यह टिप्पणी सोनिया गांधी के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर पिछले 12 वर्षों में देश के लोकतांत्रिक ढांचे और संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था। सोनिया गांधी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें देश में बेहतर शासन व्यवस्था की वापसी की उम्मीद है और कांग्रेस की संभावनाएं लगातार बेहतर हो रही हैं।
सोनिया गांधी पर पलटवार करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि उन्हें कांग्रेस की सत्ता में वापसी की उम्मीद छोड़ देनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पिछले 40 वर्षों में कांग्रेस नौ अलग-अलग राज्यों में सत्ता से बाहर रही है। उन्होंने राहुल गांधी को बार-बार राजनीति में आगे बढ़ाने की कोशिशों को लेकर भी सोनिया गांधी पर तंज कसा।
केंद्रीय मंत्री ने सोनिया गांधी की नागरिकता और राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी लंबे समय तक भारतीय नागरिकता के बिना देश में रहीं और उस दौरान उनके मतदान को लेकर भी सवाल उठे थे। हालांकि, ये गिरिराज सिंह के राजनीतिक आरोप हैं।
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर आपातकाल का जिक्र करते हुए भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर लोगों की आवाज दबाई थी, आज वही पार्टी लोकतंत्र की बात कर रही है। उन्होंने गांधी परिवार पर देश में गृहयुद्ध जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया।
कांग्रेस नेताओं ने किया सोनिया गांधी का बचाव
गिरिराज सिंह के बयान पर कांग्रेस नेताओं ने सोनिया गांधी का समर्थन किया। कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने केंद्र सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया। वहीं कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि सोनिया गांधी के आरोप तथ्यों और ऐतिहासिक परिस्थितियों पर आधारित हैं।
इस तरह सोनिया गांधी के लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर दिए गए बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक जुबानी जंग तेज हो गई है।
