गहलोत के बीजेपी पर प्रतिबंध वाले बयान पर सियासत तेज, घनश्याम तिवाड़ी का कांग्रेस पर तीखा हमला
New Delhi : राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीजेपी पर प्रतिबंध लगाए जाने संबंधी बयान को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। इस मुद्दे पर बीजेपी के राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कांग्रेस और अशोक गहलोत पर कड़ा हमला बोलते हुए उनके बयान को वोट बैंक की राजनीति से जोड़ दिया।
घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि अशोक गहलोत ने यह बयान मुस्लिम समुदाय और उससे जुड़े संस्थानों के बीच दिया ताकि वह उनके समर्थन को मजबूत कर सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति से जुड़ा रहा है।
बीजेपी सांसद ने कहा कि बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसी विचारधारा को रोकने के प्रयास पहले भी किए गए, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी और उनके पिता के समय में 1948 और 1975 में प्रतिबंध लगाने की कोशिश हुई थी, लेकिन उन्हें इसका राजनीतिक परिणाम भुगतना पड़ा।
तिवाड़ी ने कहा कि आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर गौरव के साथ आगे बढ़ रहा है, जबकि कांग्रेस सत्ता से दूर होने के कारण बेचैन नजर आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अशोक गहलोत अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं।
कांग्रेस के ऐतिहासिक फैसलों पर सवाल उठाते हुए तिवाड़ी ने लखनऊ पैक्ट, खिलाफत आंदोलन और मुस्लिम लीग के साथ हुए समझौतों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हिंदू-मुस्लिम राजनीति पर सवाल उठाने से पहले अपने राजनीतिक इतिहास को देखना चाहिए।
बीजेपी की हिंदुत्व की राजनीति का बचाव करते हुए तिवाड़ी ने कहा कि हिंदुत्व समाज को जोड़ने और नफरत को समाप्त करने का विचार है। उन्होंने कांग्रेस पर देश के विभाजन से जुड़ी नीतियों का समर्थन करने का आरोप लगाया और कहा कि आज भी पार्टी उसी सोच पर आगे बढ़ रही है।
अंत में घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि हिंदुओं का समर्थन करने वाली पार्टी पर प्रतिबंध लगाने संबंधी बयान हिंदुत्व का अपमान है और इसके लिए अशोक गहलोत को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस का मौजूदा स्वरूप इंडियन मुस्लिम लीग की तरह होता जा रहा है।
