‘धर्मेंद्र प्रधान यादव होते तो भी इस्तीफा मांगते?’, OP राजभर का अखिलेश यादव पर तंज
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। इस बार राजभर ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे को लेकर अखिलेश यादव से सीधा सवाल पूछा है।
ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए अखिलेश यादव की राजनीति पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि यदि धर्मेंद्र प्रधान कुर्मी समाज से नहीं बल्कि यादव समाज से आते, तब भी क्या समाजवादी पार्टी उनके इस्तीफे की मांग उतनी ही आक्रामकता से करती।
राजभर ने अपने पोस्ट में लिखा, “मित्र अखिलेश यादव जी, आपसे एक प्रश्न है। अगर पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान जी की जाति ‘कुर्मी’ की जगह ‘यादव’ होती, तो आपका रुख क्या होता? क्या आप तब भी उनका इस्तीफा मांगते या फिर उनका बचाव करते? आपके उत्तर की प्रतीक्षा रहेगी, मित्र।”
गौरतलब है कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए छात्र आंदोलनों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को समाजवादी पार्टी ने खुलकर समर्थन दिया था। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने छात्रों की मांगों के साथ-साथ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को भी जोरदार तरीके से उठाया था। इस मुद्दे को उन्होंने संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह प्रमुखता से उठाया।
सपा सांसद डिंपल यादव समेत पार्टी के कई नेता और सांसद भी छात्रों के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचे थे। विपक्षी दलों के लगातार दबाव और छात्रों के आंदोलन के चलते सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ता गया। अंततः धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।
हालांकि इस्तीफे के दौरान भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान के समर्थन में नजर आए। वहीं, इस्तीफा देने के अगले दिन जब वह संसद पहुंचे तो भाजपा नेताओं द्वारा उनका स्वागत किए जाने पर विपक्ष ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और इसे राजनीतिक संदेश देने की कोशिश बताया।
