प्रतीक यादव का इलाज कर चुकीं डॉक्टर का खुलासा, ‘बीपी की दवाई लेते थे, समय-समय पर…’
सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की मौत की खबर ने सबको सन्न कर दिया है. इस बीच मेदांता अस्पताल की डॉक्टर रुचिता शर्मा जो प्रतीक का इलाज कर रही थीं, उन्होंने बताया कि अप्रैल में प्रतीक एडमिट हुए थे. उनको ब्लड थीनर्स चल रहे थे. हमारे हिसाब से उनको थोड़े दिन और रहना था. लेकिन दो दिन एडमिट होने के बाद वह खुद से अस्पताल से निकल गए. उन्होंने लीव अगेंस्ट मेडिकल एडवाइज लिया था.
बहुत अच्छे पैसेंट थे- डॉक्टर रुचिता शर्मा
डॉक्टर रुचिता शर्मा ने बताया, “प्रतीक यादव के बारे सुना बहुत दुख हुआ. वो हमारे पुराने पेसेंट थे. अभी कुछ दिन पहले उनका यहां एडमीशन हुआ था. उनको Pulmonary Embolism हुआ था जिसमें ब्लड का क्लाउड धमनियों में जाकर जमा हो जाता है. उसकी वजह से उनके हार्ट पर असर आया था. बीपी की दवाई लेते थे. बहुत अच्छे पैसेंट थे. समय-समय पर दवाई लेते थे. अभी क्या हुआ इसके बारे में कुछ नहीं कह सकते.”
कैसे हुई प्रतीक यादव की मौत
शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, फेफड़ों में खून के थक्के जमने से प्रतीक यादव की मौत हो गई. थक्के जमने से दिल और फेफड़े ने काम करना बंद कर दिया. रिपोर्ट में मौत से पहले पहले शरीर पर चोट के निशान का जिक्र है.
आज होगा अंतिम संस्कार
प्रतीक यादव का गुरुवार (14 मई ) को दोपहर डेढ़ बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा. पिपरा घाट पर अंतिम संस्कार होगा. पोस्टमार्टम के बाद उनका शव घर लाया गया.
कब क्या हुआ?
- सुबह 5 से 5:55 बजे के बीच अचानक तबीयत बहुत बिगड़ गई
- सिविल अस्पताल डायरेक्टर को फोन गया
- सिविल अस्पताल से डॉक्टर घर गए
- डॉक्टरों ने अस्पताल ले जाने के लिए कहा
- सुबह 5:55 बजे 20 लोग लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे
- डॉक्टरों ने प्रतीक को मृत घोषित किया
- अस्पताल लाने से पहले मौत हो चुकी थी
- सुबह 7:15 बजे शव सिविल अस्पताल से KGMU भेजा गया
- सुबह 7:30 बजे KGMU के पोस्टमार्टम हाउस लाया गया शव
- सुबह 8:30 बजे KGMU में शव का पोस्टमार्टम शुरू हुआ
- सुबह 9:45 बजे प्रतीक के शव का पोस्टमार्टम पूरा हुआ
