अभिजीत दीपके से समर्थन की मांग, छात्रा ने दिलाई पुरानी बात की याद; झारखंड भर्ती परीक्षाओं पर बढ़ा आंदोलन
नई दिल्ली/रांची। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन का ऐलान किया है। रविवार (2 अगस्त 2026) को उन्होंने कहा कि उन्होंने आंदोलनरत छात्रों से बातचीत की है और उनकी मांगों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC), JSSC-CGL और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि CJP छात्रों के न्यायपूर्ण संघर्ष का समर्थन करती है और उनकी मांगों के साथ खड़ी है।
बातचीत के दौरान एक छात्रा ने अभिजीत दीपके से दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए नीट पेपर लीक विरोधी आंदोलन का जिक्र किया। छात्रा ने उनसे झारखंड के छात्रों के लिए भी वैसा ही समर्थन देने की अपील करते हुए कहा, “आपने कहा था कि दुनिया झुकती है, झुकाने वाला चाहिए।” छात्रा ने उम्मीद जताई कि CJP झारखंड के छात्रों की आवाज भी राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगी।
पांचवें दिन भी जारी रहा छात्रों का धरना
रांची में सैकड़ों छात्र लगातार पांचवें दिन भी धरने पर बैठे रहे। छात्र JPSC की 14वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा, JSSC-CGL और अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं की जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराने की मांग कर रहे हैं। 29 जुलाई से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे इस अनिश्चितकालीन धरने में छात्र “CBI जांच कराओ”, “छात्र एकता जिंदाबाद” और “भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाओ” जैसे नारे लगा रहे हैं।
CID जांच से संतुष्ट नहीं छात्र
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा CID जांच के आदेश दिए जाने के बावजूद उन्हें निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है। एक अभ्यर्थी ने दावा किया कि JPSC से जुड़ी परीक्षाओं में पहले भी पेपर लीक के आरोप लगते रहे हैं और इस बार OMR शीट से संबंधित गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
प्रदर्शन में शामिल छात्रा क्रांति ने कहा कि छात्रों का CID जांच पर भरोसा नहीं रहा है। उन्होंने मांग की कि पिछले सात वर्षों में JPSC और JSSC द्वारा आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं की जांच CBI से कराई जाए। साथ ही उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की भी मांग की।
14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग
आंदोलनकारी छात्र 19 अप्रैल को आयोजित 14वीं JPSC संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच CBI, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों से कराई जानी चाहिए। इसके अलावा अभ्यर्थियों ने OMR शीट में “पांचवां विकल्प प्रयास नहीं किया गया” जोड़ने की मांग भी उठाई है।
गिरिडीह के एक अभ्यर्थी ने कहा कि भर्ती एजेंसियों में कथित भ्रष्टाचार के कारण हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि अधिकांश छात्र साधारण और किसान परिवारों से आते हैं तथा वे केवल योग्यता के आधार पर अवसर चाहते हैं।
मशाल जुलूस निकालकर जताया विरोध
रविवार शाम आंदोलन ने और जोर पकड़ लिया जब हजारों छात्रों ने रांची में मशाल जुलूस निकाला। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुआ मार्च अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा। इस दौरान छात्रों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई।
प्रदर्शन में शामिल एक आदिवासी छात्रा ने कहा कि वह वर्ष 2023 से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं, लेकिन यदि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होगी तो मेहनत करने वाले युवाओं को न्याय कैसे मिलेगा। उन्होंने राज्य सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
