दिल्ली मालवीय नगर अग्निकांड: 12 विदेशी नागरिकों समेत 21 लोगों की मौत, सीएम रेखा गुप्ता ने मजिस्ट्रेट जांच के दिए आदेश
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के दक्षिणी क्षेत्र मालवीय नगर में बुधवार सुबह हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। एक गेस्ट हाउस में लगी आग में 12 विदेशी नागरिकों सहित कम से कम 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और भवन नियमों के उल्लंघन ने इस हादसे को और भयावह बना दिया।
हौज रानी इलाके में स्थित फ्लोरिश स्टे बीएंडबी नामक पांच मंजिला गेस्ट हाउस में सुबह करीब 8:30 बजे आग लग गई। संकरी गली में स्थित इमारत में आग तेजी से फैल गई, जिससे अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।
अधिकारियों के अनुसार, गेस्ट हाउस के पास अग्नि सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं था। इसके अलावा भवन में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही रास्ता था, खिड़कियां स्थायी रूप से बंद थीं और मुख्य दरवाजा सेंसर आधारित प्रणाली से संचालित होता था। इन खामियों के कारण इमारत लोगों के लिए मौत का जाल साबित हुई।
घटना पर दुख व्यक्त करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दक्षिण दिल्ली के जिलाधिकारी से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि मालवीय नगर गेस्ट हाउस में आग लगने के कारणों और सुरक्षा संबंधी कमियों की गंभीरता से जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि मामले में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं तथा संपत्ति मालिक के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है।
रेखा गुप्ता ने कहा कि राजधानी में अवैध संपत्तियों, बिना अनुमति संचालित गेस्ट हाउसों तथा अग्नि सुरक्षा और भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा। ऐसे परिसरों को सील करने के साथ-साथ संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
पूरे शहर में चलेगा विशेष अभियान
दिल्ली सरकार ने संकेत दिए हैं कि इस हादसे के बाद शहरभर में सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी। प्रशासन उन इमारतों की पहचान करेगा जो अग्नि सुरक्षा और भवन निर्माण नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। अवैध गेस्ट हाउसों और असुरक्षित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को तत्काल प्रभाव से सील किया जाएगा।
मालवीय नगर की यह त्रासदी एक बार फिर राजधानी के घनी आबादी वाले इलाकों में संचालित अवैध और असुरक्षित होटलों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। हादसे ने यह भी उजागर किया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी किस तरह कुछ ही मिनटों में बड़े जान-माल के नुकसान का कारण बन सकती है।
