मस्जिद ध्वस्तीकरण को सियासी मुद्दा बता दारुल उलूम ने टिप्पणी से किया इनकार
नायब मोहतमिम मौलाना मुफ्ती राशिद बोले- सियासी मुद्दे पर बयान नहीं दे सकते
देवबंद। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर सियासी दलों और मुस्लिम संगठनों की प्रतिक्रियाओं के बीच इस्लामी तालीम के प्रमुख केंद्र दारुल उलूम ने फिलहाल मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। संस्था के नायब मोहतमिम मौलाना मुफ्ती राशिद ने मस्जिद प्रकरण को सियासी मामला बताते हुए कहा कि वह किसी राजनीतिक मुद्दे पर बयान नहीं दे सकते।
दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी और नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी फिलहाल सफर पर हैं। दूसरे नायब मोहतमिम मौलाना मुफ्ती राशिद से जब कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इसे सियासी मामला बताया।
उन्होंने कहा कि वह किसी सियासी मुद्दे पर बयान नहीं दे सकते। संस्था के जिम्मेदार पदाधिकारी वापस लौटने के बाद ही इस संबंध में कोई टिप्पणी कर सकेंगे।
इस बीच, मस्जिद प्रकरण को लेकर जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक एवं प्रसिद्ध आलिम मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर विभिन्न नेताओं के बयान सामने आ रहे थे, जिससे उम्मीद बनी हुई थी कि शायद इस मुद्दे पर कोई समाधान निकल सके।
उन्होंने कहा कि सुबह सामने आया घटनाक्रम बेहद दुखद था। मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने मुसलमानों से अपील की कि वे अल्लाह की बारगाह में रहमत, मदद और इंसाफ की दुआ करें तथा शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
मस्जिद ध्वस्तीकरण के मामले में जमीयत उलमा-ए-हिंद समेत कई मुस्लिम संगठनों और विपक्षी नेताओं की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। वहीं, दारुल उलूम ने अपने वरिष्ठ पदाधिकारियों की गैरमौजूदगी में इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी करने से दूरी बनाए रखी है।
