दुनिया को आकर्षित करती है भारतीय पर्वों की बहुरंगी संस्कृति : आचार्य प्रतिष्ठा

दुनिया को आकर्षित करती है भारतीय पर्वों की बहुरंगी संस्कृति : आचार्य प्रतिष्ठा
सहारनपुर में ग्रेट ग्रैंड फिएस्टा सीजन-11 करवा चौथ एवं दिवाली एग्जिबिशन का फीता काटकर उद्घाटन करतीं आचार्य प्रतिष्ठा, साथ में कार्यक्रम संयोजक श्वेता शर्मा।

ग्रेट ग्रैंड फिएस्टा सीजन-11 का भव्य शुभारंभ, करवा चौथ एवं दिवाली एग्जिबिशन में देशभर के विक्रेताओं ने सजाए स्टॉल; आचार्य प्रतिष्ठा बोलीं- भारत की संस्कृति सॉफ्ट डिप्लोमेसी का मजबूत स्तंभ

सहारनपुर, 14 अक्टूबर। भारत के पर्व केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक और आध्यात्मिक समृद्धि के जीवंत प्रतीक हैं। भारतीय त्योहारों का बहुरंगी उल्लास, परंपराएं और उत्सवधर्मिता सदियों से पूरी दुनिया को आकर्षित करती रही हैं। यह विचार प्रख्यात योग एवं आध्यात्मिक गुरु तथा संस्कृति विशेषज्ञ आचार्य प्रतिष्ठा ने बुधवार को अंबाला रोड स्थित एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित ‘ग्रेट ग्रैंड फिएस्टा सीजन-11’ करवा चौथ एवं दिवाली एग्जिबिशन का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किए।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं आचार्य प्रतिष्ठा ने फीता काटकर एक दिवसीय प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान और त्योहारों के सामाजिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

भारतीय संस्कृति सॉफ्ट डिप्लोमेसी का मजबूत आधार

भारत सरकार की ओर से अनेक देशों में पूर्व राजनयिक रह चुकीं आचार्य प्रतिष्ठा ने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व पटल पर देश की विशिष्ट पहचान स्थापित करती है। हमारे पर्व, परंपराएं, योग, खानपान और पहनावा भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं।

उन्होंने भारतीय संस्कृति को सॉफ्ट डिप्लोमेसी का मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि त्योहारों के माध्यम से न केवल सामाजिक संबंधों में प्रगाढ़ता आती है, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संदेश भी दुनिया तक पहुंचता है।

भारतीय वस्त्रों और खानपान के सांस्कृतिक महत्व पर डाला प्रकाश

प्रदर्शनी की संयोजक श्वेता शर्मा ने मुख्य अतिथि आचार्य प्रतिष्ठा को पूरे पंडाल का भ्रमण कराया। इस दौरान उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों से आए विक्रेताओं द्वारा लगाए गए स्टॉलों और उनके उत्पादों की विशेषताओं से अवगत कराया।

आचार्य प्रतिष्ठा ने भारतीय परिधानों, पारंपरिक खानपान और त्योहारों से जुड़े उत्पादों में विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने भारतीय वस्त्रों से लेकर भोजन तक के सांस्कृतिक महत्व, पर्वों के साथ उनके संबंध और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर भी अपने विचार साझा किए।

उन्होंने कहा कि भारतीय त्योहारों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें संस्कृति, परंपरा, सामाजिक जुड़ाव और जीवनशैली का अनूठा समन्वय देखने को मिलता है।

ऐसे आयोजन सांस्कृतिक विरासत को देते हैं मजबूती

आचार्य प्रतिष्ठा ने ग्रेट ग्रैंड फिएस्टा सीजन-11 के आयोजन के लिए संयोजक श्वेता शर्मा के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शहर में इस प्रकार के आयोजन न केवल लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हैं, बल्कि भारतीय उत्पादों एवं पारंपरिक कलाओं को प्रोत्साहित करने का अवसर भी प्रदान करते हैं।

उन्होंने अपने शहरवासियों के बीच आने का अवसर प्रदान करने के लिए आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

करवा चौथ और दिवाली के उपलक्ष्य में आयोजित इस एक दिवसीय प्रदर्शनी में देशभर से आए विक्रेताओं के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे।

 

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