CM योगी का अयोध्या से बड़ा संदेश, बोले- भारत विरोधियों के लिए नहीं है यह भूमि

CM योगी का अयोध्या से बड़ा संदेश, बोले- भारत विरोधियों के लिए नहीं है यह भूमि

अयोध्या : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अयोध्या में आयोजित जगद्गुरु Ramabhadracharya की रामकथा के दौरान समाज, संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े कई मुद्दों पर अपने विचार रखे। इस दौरान उन्होंने ‘लव जिहाद’ के विषय का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर वर्षों पहले न्यायालयों ने भी चिंता जताई थी, लेकिन समय रहते इस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2020 में इस संबंध में सख्त कानून लागू किया और समाज को ऐसे मामलों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय जीवन मूल्यों और संस्कृति के सर्वोच्च आदर्श हैं। उनके अनुसार, जो भी व्यक्ति भारत की सभ्यता, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत में विश्वास रखता है, उसके जीवन में राम के आदर्शों का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों और व्यक्तिगत पूर्वाग्रहों से ऊपर उठकर देखा जाए तो राम भारतीय समाज की चेतना में रचे-बसे हैं।

योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि भारत उन लोगों के लिए आश्रयस्थल नहीं हो सकता जो देश के प्रति निष्ठा नहीं रखते, उसकी संस्कृति और मूल्यों का सम्मान नहीं करते या उसकी एकता और अखंडता के खिलाफ काम करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की भूमि उन लोगों के लिए है जो इसके आदर्शों और परंपराओं के प्रति सम्मान का भाव रखते हैं।

रामायण के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रावण और मारीच जैसे पात्र उच्च कुल में जन्म लेने के बावजूद अपने कर्मों के कारण विनाश को प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि माता सीता के अपहरण के बाद भगवान राम ने धर्म और न्याय की स्थापना के लिए संघर्ष किया तथा उत्तर और दक्षिण भारत को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य किया। योगी ने इसे महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा का महत्वपूर्ण उदाहरण बताते हुए कहा कि आज भी समाज को ऐसे आदर्शों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने लिखा कि लखनऊ में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव के समापन समारोह में जगद्गुरु रामभद्राचार्य के श्रीमुख से रामकथा श्रवण का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मध्यकाल में Tulsidas ने जनजागरण का कार्य किया था, उसी परंपरा को आज रामभद्राचार्य आगे बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उनके योगदान की सराहना करते हुए उन्हें साधुवाद और शुभकामनाएं दीं।

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