उद्धव ठाकरे की पार्टी में टूट पर भड़के CM उमर अब्दुल्ला! बोले- ‘NC सिद्धांतों से समझौता…’
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शिवसेना में हुई टूट पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) सत्ता के लिए कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेगी और न ही अपने नैतिक मूल्यों को दांव पर लगाएगी. विपक्षी सांसदों के पाला बदलकर NDA का समर्थन करने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए अब्दुल्ला ने जोर देकर कहा कि NC राजनीतिक सत्ता या गठबंधन के लिए कभी भी अपने मूल मूल्यों की बलि नहीं देगी.
उन्होंने दोहराया कि पार्टी का ध्यान जम्मू-कश्मीर के लोगों की सेवा करने पर है, न कि राजनीतिक फायदे हासिल करने पर. इसके साथ ही उमर ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं के BJP के साथ जुड़ने की अफवाहों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया.
DMK और शिवसेना पर क्या बोले सीएम उमर?
DMK और शिवसेना से जुड़े हालिया राष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रमों के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी सरकार का ध्यान स्थानीय मुद्दों पर है. उन्होंने कहा, “न तो आप और न ही मैं इस सवाल का जवाब दे सकता हूं.” उन्होंने आगे कहा, “अब, बांदीपोरा में खड़े होकर मैं आपको कैसे बता सकता हूं कि DMK या शिवसेना वाले क्या करेंगे? यह उन पर निर्भर है, यह उनके विवेक पर निर्भर है. वो उतना ही आगे बढ़ेंगे जितना उनका विवेक उन्हें अनुमति देगा.
NC के संभावित फूट की अटकलों पर क्या बोले उमर?
उन्होंने अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए कहा, “जहां तक नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसदों की बात है, हम कभी भी इस चीज का समर्थन नहीं करेंगे. बाकी लोग क्या करेंगे, इस बारे में मैं क्या कह सकता हूं?” नेशनल कॉन्फ्रेंस में संभावित फूट की अटकलों के बीच सीएम उमर का ये बयान आया है. खबरें हैं कि NC के कुछ सदस्य अलग-अलग मंत्रियों के कामकाज से खुश नहीं हैं. ऐसे में सूत्रों का कहना है कि BJP की नजर जम्मू-कश्मीर में भी बंगाल या महाराष्ट्र जैसी स्थिति दोहराने पर है.
हालांकि, उमर अब्दुल्ला ने इस मुद्दे को टालने की कोशिश की और बुधवार को बांदीपोरा के अपने दौरे के दौरान स्पष्टीकरण दिया. वो जिले में विकास कार्यों की समीक्षा करने के लिए अपने कैबिनेट मंत्रियों के साथ वहां गए थे. अपने दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने शासन-प्रशासन, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा और लगभग 300 करोड़ रुपए की योजनाओं के उद्घाटन पर ध्यान केंद्रित किया. उन्होंने जन-सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी शिकायतों को सुनने के लिए स्थानीय प्रतिनिधिमंडलों से भी मुलाकात की.
