सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की बल्ले बल्ले! महंगाई भत्ते में 2% बढ़ोतरी पर कैबिनेट ने लगाई मुहर

सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की बल्ले बल्ले! महंगाई भत्ते में 2% बढ़ोतरी पर कैबिनेट ने लगाई मुहर

महंगाई के इस दौर में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता (DA) में 2% बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है, जिससे लाखों कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में सीधा इजाफा होगा। सरकार का ये फैसला न सिर्फ जेब को राहत देगा, बल्कि बढ़ती कीमतों के बीच आर्थिक संतुलन बनाए रखने में भी मददगार साबित होगा।

सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट मीटिंग ने DA में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इससे पहले अक्टूबर में DA को 55% से बढ़ाकर 58% किया गया था, जो जुलाई 2025 से लागू हुआ था। अब नई बढ़ोतरी के बाद कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में और इजाफा होगा। इस बढ़ोतरी का सीधा फायदा लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा। उनकी मासिक आय बढ़ेगी, जिससे घर का बजट संभालना आसान होगा। साथ ही, बढ़ा हुआ DA अक्सर एरियर (बकाया राशि) के साथ भी मिलता है, जिससे एकमुश्त रकम भी हाथ में आ सकती है।

कितनी बढ़ेगी सैलरी?

कर्मचारियों को दिया जाने वाला महंगाई भत्ता उनकी बेसिक सैलरी के अनुसार तय होता है। उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 60,000 रुपये है, तो पहले 58% DA के हिसाब से उसे 34,800 रुपये महंगाई भत्ता मिल रहा था। लेकिन, अब नई बढ़ोतरी के बाद 60% DA के अनुसार उसका महंगाई भत्ता 36,000 रुपये हो जाएगा। इसका मतलब है कि हर महीने कर्मचारी की सैलरी में 1200 रुपये का इजाफा होगा।

बेसिक सैलरी (अनुमानित) DA 58% DA 60% (बढ़ोतरी के बाद) सैलरी में बढ़ोतरी
60,000 रुपये 34,800 रुपये 36,000 रुपये 1200 रुपये

कैबिनेट के अन्य बड़े फैसले

कैबिनेट ने सिर्फ DA बढ़ोतरी ही नहीं, बल्कि कुछ और अहम फैसले भी लिए हैं। सॉवरेन मैरीटाइम फंड के लिए ₹13,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे जहाजों को सस्ती और स्थिर बीमा सुविधा मिल सके। वहीं, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) को 2028 तक बढ़ाने के साथ ₹3,000 करोड़ का अतिरिक्त बजट भी मंजूर किया गया है।

8वें वेतन आयोग की मांग भी तेज

इसी बीच कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग को लेकर अपनी मांगें भी तेज कर दी हैं। एनसी-जेसीएम (NC-JCM) ने फिटमेंट फैक्टर 3.83 करने का प्रस्ताव दिया है, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर करीब ₹69,000 हो सकती है। इसके अलावा परिवार की परिभाषा में बदलाव, ज्यादा इंक्रीमेंट और महंगाई से जुड़ी भत्तों में सुधार की मांग भी की गई है।


Leave a Reply