JPNIC निजी हाथों में देने पर अखिलेश का योगी सरकार पर हमला, बोले- ‘BJP सरकार है या दुकानदार?’

JPNIC निजी हाथों में देने पर अखिलेश का योगी सरकार पर हमला, बोले- ‘BJP सरकार है या दुकानदार?’

लखनऊ: लखनऊ स्थित जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को निजी कंपनियों को सौंपने के योगी सरकार के फैसले पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भाजपा सरकार पर सरकारी संपत्तियों के निजीकरण को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि अब सरकार के पास सिर्फ ठेका देने या बेचने का काम बचा है।

अखिलेश यादव ने साधा योगी सरकार पर निशाना

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर योगी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “भाजपा सरकार है या दुकानदार?” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

अखिलेश ने अपने पोस्ट में निजीकरण और कथित भ्रष्टाचार को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ सरकार को ही ठेके पर देना या बेच देना बाकी रह गया है।

35 साल की लीज पर निजी कंपनियों को JPNIC

दरअसल, योगी कैबिनेट ने लखनऊ के JPNIC को निजी कंपनियों वृंदावन बॉटलर्स और रॉकवुड होटल्स को 35 साल की लीज पर देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। प्रस्ताव के मुताबिक, संबंधित कंपनियां अपने खर्च से करीब दो साल के भीतर सेंटर के बचे हुए निर्माण कार्यों को पूरा कराकर इसका संचालन शुरू करेंगी।

संचालन शुरू होने के बाद निजी कंपनियों को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को हर साल 6 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा।

अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है JPNIC

जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर को अखिलेश यादव सरकार के कार्यकाल में विकसित किया गया था। वर्ष 2013 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट को दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर की तर्ज पर तैयार करने की योजना थी।

JPNIC में अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्विमिंग पूल, गेस्ट हाउस, हेलीपैड और कन्वेंशन सेंटर जैसी सुविधाएं प्रस्तावित थीं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने इसका उद्घाटन भी किया था, हालांकि उस समय कई निर्माण कार्य अधूरे थे।

लंबे समय से बंद पड़ा है JPNIC

उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद JPNIC का निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका। बाद में परियोजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी लगे। इसके बाद से यह परिसर लंबे समय से बंद पड़ा है।

समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को लेकर लगातार भाजपा सरकार पर सवाल उठाती रही है। अब कैबिनेट के इसे निजी कंपनियों को लीज पर देने के फैसले के बाद अखिलेश यादव ने एक बार फिर सरकार पर हमला तेज कर दिया है।

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