‘ऑपरेशन टाइगर’ पर आदित्य ठाकरे की प्रतिक्रिया, बागी सांसदों को बताया ‘एहसान फरामोश और बिकाऊ’
उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसदों की बगावत के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. इस बीच शिवसेना (UBT) के नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत पार्टी छोड़ने वाले सांसदों पर तीखा हमला बोला है. आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बागी नेताओं को निशाने पर लेते हुए उन्हें ‘एहसान फरामोश’ और ‘बिकाऊ’ बताया है.
शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस के अवसर पर किए गए अपने पोस्ट में आदित्य ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र एक बार फिर गंदे राजनीतिक खेल का दर्दनाक उदाहरण देख रहा है. उन्होंने कहा, ”कुछ लोग, जो 2024 के चुनाव में पार्टी और कार्यकर्ताओं की बदौलत जीतकर आए थे, अब उन्हीं के साथ विश्वासघात कर रहे हैं.”
इन नेताओं ने खुद को बेचा है- आदित्य ठाकरे
आदित्य ठाकरे ने आगे लिखा कि चाहे कितने भी कारण दिए जाएं, लेकिन सच्चाई सिर्फ एक है कि इन नेताओं ने खुद को बेचा है. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे नेताओं ने न सिर्फ अपनी राजनीतिक निष्ठा छोड़ी है, बल्कि अपनी प्रतिष्ठा, अपना नाम और अपने परिवार की साख को भी दांव पर लगा दिया है. उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र इस तरह की गंदी राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगा. आदित्य ठाकरे ने दावा किया कि इस अंधेरे दौर में सिर्फ शिवसेना (यूबीटी) की ‘मशाल’ ही लोगों को रास्ता दिखाएगी.
उद्धव गुट के किन-किन सांसदों ने बदला पाला?
- संजय देशमुख (यवतमाल-वाशिम)
- संजय जाधव (परभणी)
- संजय दीना पाटिल (मुंबई-उत्तर पूर्व)
- भाऊसाहेब वाकचौरे (शिरडी)
- ओमप्रकाश राजेनिंबालकर (उस्मानाबाद)
- नागेश पाटिल-आष्टीकर (हिंगोली)
संजय राउत का भी बागी सांसदों पर हमला
इससे पहले शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसदों पर निशाना साधा था और उनके लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया था. उन्होंने कहा था कि ‘गद्दारों’ को शिवसैनिकों के गुस्से से बचने के लिए भारतीय वायुसेना की सुरक्षा की जरूरत पड़ेगी. उधर, महाराष्ट्र पुलिस और राज्य गृह विभाग ने इन बागी सांसदों की सुरक्षा बढ़ा दी है. उन्हें Y-प्लस कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है.
