‘मनमर्जी करना आजादी नहीं’, NSA अजीत डोभाल ने Gen-Z को समझाया स्वतंत्रता का असली मतलब
नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिए गए इस पुरस्कार के बाद डोभाल ने देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण और राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
समारोह में अजीत डोभाल ने कहा कि भारत इस समय राष्ट्र निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है और युवाओं को इस अवसर का पूरा लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने युवाओं को स्वतंत्रता के वास्तविक अर्थ को समझने की सलाह देते हुए कहा कि आजादी का मतलब मनमर्जी करना नहीं है।
‘आजादी का मतलब मनमर्जी करना नहीं’
पीटीआई के मुताबिक, डोभाल ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को यह लग सकता है कि भारत हमेशा से ऐसा ही था। उन्होंने कहा कि संभव है कि कुछ युवा स्वतंत्रता का अर्थ अपनी इच्छा के मुताबिक काम करने से समझते हों, लेकिन स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ इससे कहीं व्यापक है।
उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के सेनानियों और लोकमान्य तिलक के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की आजादी के लिए कई लोगों ने अपना जीवन बलिदान कर दिया। तिलक ने लोगों को अपनी बात कहने का साहस दिया और समाज में नई चेतना पैदा की।
डोभाल ने कहा कि आज लोग अपने अधिकारों की चर्चा तो करते हैं, लेकिन उन्हें यह भी समझना चाहिए कि अधिकारों का दुरुपयोग उन लोगों के बलिदान का अपमान हो सकता है, जिन्होंने इन अधिकारों को हासिल करने के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया।
युवाओं को दिया राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने का संदेश
NSA ने युवाओं से अपील की कि वे अपने व्यक्तिगत और तात्कालिक लाभ से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल तत्काल मिलने वाले फायदे के बारे में नहीं सोचना चाहिए, बल्कि देश के लिए दूरगामी और बड़े हितों को ध्यान में रखना चाहिए।
डोभाल ने कहा कि देश के सामने राष्ट्र निर्माण का एक बड़ा अवसर है और इसे किसी भी कीमत पर गंवाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण को अपनी प्राथमिकता बनाने का आह्वान किया।
PM मोदी और अमित शाह की तारीफ
अजीत डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत इस समय इतिहास के एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है और देश सौभाग्यशाली है कि उसे प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह जैसे नेतृत्व का मार्गदर्शन मिल रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि राष्ट्र निर्माण के इस प्रयास में देश सफल होगा और एक नया इतिहास रचेगा।
अजीत डोभाल को क्यों मिला लोकमान्य तिलक पुरस्कार?
81 वर्षीय अजीत डोभाल वर्तमान में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं और देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों में शामिल हैं। अपने लंबे सुरक्षा करियर के दौरान उन्होंने मिजोरम, सिक्किम, पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं।
डोभाल ने इस्लामाबाद और लंदन स्थित भारतीय मिशनों में भी काम किया है। वह भारत-चीन सीमा वार्ता के लिए भारत के विशेष प्रतिनिधि की भूमिका भी निभा चुके हैं। वर्ष 2017 के डोकलाम गतिरोध को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने में उनकी भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा, रणनीतिक फैसलों और आतंकवाद विरोधी अभियानों में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया गया।
