शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह में PRAGYA–2026 स्थापना सप्ताह समारोह के अंतर्गत – आदर्श विजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज के 20 वर्ष पूर्ण होने पर पूर्व छात्र सम्मेलन का आयोजन

शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह में PRAGYA–2026 स्थापना सप्ताह समारोह के अंतर्गत – आदर्श विजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज के 20 वर्ष पूर्ण होने पर पूर्व छात्र सम्मेलन का आयोजन

गंगोह [24CN] : शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह में आज दिनाँक 18 जुलाई 2026 दिन शनिवार को विश्वविद्यालय स्थापना दिवस एवं माननीय चेयरमैन डॉ. शोभित कुमार के जन्मोत्सव (जुलाई 24) के उपलक्ष्य में आयोजित “PRAGYA–2026 स्थापना सप्ताह समारोह” के अंतर्गत आदर्श विजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज द्वारा विश्वविद्यालय के श्री जे.पी. माथुर सभागार में 20 वर्ष की यात्रा में सहभागी पुरातन छात्रों के लिए एक भव्य पूर्व छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसकी थीम “कनेक्ट फॉर लाइफ़लोंग लर्निंग मेंटरशिप एंड इंस्टीट्यूशनल ग्रोथ” रही। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय एवं पूर्व छात्रों के मध्य संबंधों को और अधिक सुदृढ़ एवं पुनः सशक्त बनाना एवं आजीवन मार्गदर्शन (मेंटॉरशिप), ज्ञान एवं अनुभवों के आदान-प्रदान तथा पूर्व छात्रों की सक्रिय सहभागिता के लिए नए आयाम स्थापित करना रहा। कार्यक्रम में मंच संचालक छात्रा पर्णिका दीक्षित एवं निशा द्वारा किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ शोभित विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री कुँवर शेखर विजेंद्र जी, शोभित विश्वविद्यालय गंगोह के कुलपति प्रो.(डॉ.) बी.एस. सिद्धू, कुलसचिव प्रो.(डॉ.) महिपाल सिंह, संस्था के केयर टेकर सूफ़ी ज़हीर अख़्तर, डीन हेल्थ साइंसेस प्रो.(डॉ.) रणजीत सिंह एवं शिक्षकगण व पुरातन छात्र-छात्राओं ने मां सरस्वती व बाबू विजेंद्र कुमार जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। तत्पश्चात सरस्वती वंदना एवं विश्वविद्यालय कुलगीत का सामूहिक गायन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत में शोभित विश्वविद्यालय गंगोह के कुलपति प्रो.(डॉ.) बी. एस. सिद्धू, डीन हेल्थ साइंसेस प्रो.(डॉ.) रणजीत सिंह ने शोभित विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री कुँवर शेखर विजेंद्र जी को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। प्रो.(डॉ.) भूपेंद्र चौहान ने शोभित विश्वविद्यालय गंगोह के कुलपति प्रो.(डॉ.) बी.एस. सिद्धू को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।

कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों एवं पुरातन छात्रों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक, मनोरंजक एवं सहभागितापूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में “पूर्व छात्रों की सफलता गाथा” के माध्यम से पूर्व छात्रों ने अपने अनुभव एवं सफलता की प्रेरणादायी यात्राओं को साझा किया, जिनमे गुरप्रीत सिंह, सीनियर क्वालिटी मैनेजर पिनाकल लाइफ साइंस, पिंकी असिस्टेंट मैनेजर रेनोवेद लाइफ साइंस, धनंजय कुमार फार्मासिस्ट यूपीएचसी, राहुल देव कुमार मैनेजर बिजनेस डेवलपमेंट सुकून रिहैबिलिटेशन सेंटर, नई दिल्ली, गौरव शर्मा क्वालिटी मैनेजर कोटक हेल्थकेयर, रुड़की शामिल रहे। कार्यक्रम में समूह नृत्य, एकल नृत्य, पूर्व छात्रों हेतु अनेक संगीतमय प्रतियोगिता, रैम्प वॉक, तथा तम्बोला जैसी आकर्षक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया।

इस अवसर पर डीन हेल्थ साइंसेस प्रो.(डॉ.) रणजीत सिंह ने सर्वप्रथम कुलाधिपति श्री कुँवर शेखर विजेंद्र जी एवं पुरातन छात्र-छात्राओं स्वागत एवं अभिनंदन किया और कहा कि पुरातन छात्रों और विश्वविद्यालय के मध्य आजीवन संबंध भविष्य में शिक्षा, अनुसंधान, मार्गदर्शन एवं संस्थागत विकास के नए आयाम स्थापित करता है। कार्यक्रम में केयर टेकर सूफ़ी ज़हीर अख़्तर ने भी विश्वविद्यालय के गौरवशाली एवं समृद्ध इतिहास पर प्रकाश डालते हुए उसके विकास, उपलब्धियों तथा समाज एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान का उल्लेख किया।

इस अवसर पर कुलपति प्रो.(डॉ.) बी.एस. सिद्धू ने पुरातन छात्रों के अनुभव एवं वर्तमान विद्यार्थियों की ऊर्जा का समन्वय स्थापित करते हुए कहा कि सभी मिलकर विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर नई पहचान प्रदान करेंगे तथा इसे उत्कृष्टता के नए आयामों तक पहुँचाएंगे। आगे उन्होंने स्वामी विवेकानंद एवं डॉ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के प्रेरणादायक कथन (उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए) और सपने (सपने वो नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं, सपने वो हैं जो हमें सोने नहीं देते) की बात पर प्रकाश डालते हुए पुरातन छात्रों को शुभाशीष दिया।

इस अवसर पर शोभित विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री कुँवर शेखर विजेंद्र जी ने पूर्व छात्र सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व छात्र किसी भी संस्थान की अमूल्य धरोहर एवं उसके गौरवशाली इतिहास के संवाहक होते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्र अपने अनुभव, ज्ञान एवं उपलब्धियों के माध्यम से वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनते हैं तथा संस्थान के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि विश्वविद्यालय सदैव अपने पूर्व छात्रों के साथ आत्मीय एवं सुदृढ़ संबंध स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा यह सम्मेलन ज्ञान, अनुभव एवं मार्गदर्शन के आदान-प्रदान के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करेगा। उन्होंने सभी पूर्व छात्रों से विश्वविद्यालय की प्रगति एवं वैश्विक पहचान को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंतिम सत्र में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सभी सम्मानित पुरातन छात्रों को विश्वविद्यालय स्मृति चिंह एवं प्रमाण-पत्र देकर उनको सम्मानित किया। तत्पश्चात प्रो.(डॉ.) आरिफ नासिर ने कुलाधिपति श्री कुँवर शेखर विजेंद्र जी एवं उपस्थित सभी गणमान्यों व पुरातन छात्रों का आभार प्रकट किया।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान एवं सभी प्रतिभागियों के सामूहिक छायाचित्र के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर आदर्श विजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज के सभी शिक्षकगण एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।