‘राम मंदिर चढ़ावा मामले में PM मोदी चंपत राय को बचा रहे’, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा आरोप

‘राम मंदिर चढ़ावा मामले में PM मोदी चंपत राय को बचा रहे’, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा आरोप

नई दिल्ली/गोंडा। गौ-रक्षा यात्रा के तहत उत्तर प्रदेश के गोंडा पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने राम मंदिर के कथित चढ़ावा (दान) मामले को लेकर केंद्र सरकार और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के वरिष्ठ नेता चंपत राय पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंपत राय को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि चंपत राय के इस्तीफे को लेकर जो बातें कही जा रही हैं, वे केवल भ्रम फैलाने के लिए हैं। उनके अनुसार, चंपत राय ने न तो वास्तव में इस्तीफा दिया है और न ही उन्होंने अपनी जिम्मेदारियां छोड़ी हैं। उन्होंने दावा किया कि चंपत राय अब भी अपने पद पर काम कर रहे हैं और जनता के बीच केवल इस्तीफे का माहौल बनाया गया है।

‘अगर इस्तीफा दिया है तो सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया?’

शंकराचार्य ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि चंपत राय ने वास्तव में इस्तीफा दिया है, तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर बचाया जा रहा है क्योंकि वे सत्ता के लिए उपयोगी हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जिन लोगों ने उन्हें इस पद पर बैठाया, वे आज भी उनका संरक्षण कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही चंपत राय को बचा रहे हैं।

बाबा बागेश्वर के बयान का किया समर्थन

राम मंदिर के कथित चढ़ावा मामले पर बाबा बागेश्वर (पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री) के बयान का उल्लेख करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि उनका वक्तव्य बेहद संतुलित और सारगर्भित था। उन्होंने कहा कि बाबा बागेश्वर ने यह कहकर बहुत कुछ स्पष्ट कर दिया कि यदि वह इस विषय पर ‘पर्ची’ निकालेंगे तो उनका वहां रहना भी मुश्किल हो जाएगा। शंकराचार्य ने इसे मौजूदा माहौल का संकेत बताते हुए कहा कि जब प्रभावशाली व्यक्ति भी खुलकर बोलने से डर रहा है, तो आम जनता की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

डिप्टी सीएम के बयान पर भी दिया जवाब

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक द्वारा उन पर भगवा वस्त्र पहनकर राजनीति करने के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यह टिप्पणी वास्तव में उन पर नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर लागू होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में गौ-हत्या के लिए वही लोग जिम्मेदार हैं जो स्लॉटर हाउस से जुड़े हितों का संरक्षण करते हैं। उन्होंने कहा कि कोई सच्चा संन्यासी ऐसा कार्य नहीं कर सकता और ‘कालनेमि’ वही होता है जो बाहर से कुछ और और भीतर से कुछ और होता है।