‘देश में सबके लिए एक जैसा कानून होना चाहिए’, UCC पर सीएम मोहन यादव का बड़ा बयान
नई दिल्ली/भोपाल। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू किए जाने की संभावनाओं के बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि एक देश में अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए। उनका कहना था कि यदि रामचंद्र नाम का व्यक्ति एक ही विवाह करता है, तो रहीम नाम के व्यक्ति से भी वही अपेक्षा की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव इंदौर जिला चिकित्सालय के 300 बिस्तरों वाले नए भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। करीब 83.13 करोड़ रुपये की लागत से बने इस अस्पताल का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में गंभीरता से आगे बढ़ रही है। माना जा रहा है कि 20 जुलाई से शुरू होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में यूसीसी से संबंधित विधेयक पेश किया जा सकता है।
‘एक देश, तो कानून भी एक होना चाहिए’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति ने प्रदेशभर में विभिन्न धर्मों, सामाजिक वर्गों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से संवाद किया था। इस दौरान 10 लाख से अधिक लोगों के सुझाव प्राप्त हुए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में विवाह, उत्तराधिकार और पारिवारिक मामलों में अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग कानूनी व्यवस्थाएं लागू हैं। ऐसे में जब देश एक है, तो कानून भी सभी नागरिकों के लिए समान होने चाहिए।
कांग्रेस पर साधा निशाना
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हर संवेदनशील विषय को हिंदू-मुस्लिम नजरिये से देखने की कोशिश करती है। उनका दावा था कि समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर भी कांग्रेस ने दोहरा रवैया अपनाया और वोट बैंक की राजनीति के कारण समिति की बैठकों में भाग नहीं लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने यूसीसी पर अपना स्पष्ट पक्ष रखने से परहेज किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि समान नागरिक संहिता और धार की भोजशाला जैसे मुद्दों पर कांग्रेस हमेशा दूरी बनाकर रखती है।
